जिला नजर ब्यूरो चीफ संजय भारद्वाज
अलीगढ़। शहर में सार्वजनिक संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के अभियान के तहत नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वार्ड संख्या-8 स्थित सराय लवारिया मलिन बस्ती में नगर निगम की डॉ. अंबेडकर सामुदायिक भवन/धर्मशाला को कब्जा मुक्त कराया। यह कार्रवाई नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के नेतृत्व में की गई।
दरअसल, सोमवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान मलिन बस्ती की महिलाओं ने नगर आयुक्त को शिकायत दी कि क्षेत्र की एकमात्र सार्वजनिक धर्मशाला पर एक व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है। आरोप था कि धर्मशाला में पारिवारिक आयोजन कराने के नाम पर गरीब परिवारों से 11 हजार से 15 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है, जिससे आमजन इसका निशुल्क उपयोग नहीं कर पा रहे थे।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा स्वयं मौके पर पहुंचे और सामुदायिक भवन का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान धर्मशाला पर ताला बंद मिला और अंदर निजी सामान रखकर कब्जा किया गया था। मौके पर मौजूद महिलाओं ने बताया कि ललित कांत नामक व्यक्ति द्वारा कब्जा कर अवैध वसूली की जा रही है।
नगर आयुक्त ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपने सामने ही धर्मशाला का ताला तुड़वाया। निरीक्षण में परिसर से एक मोटरसाइकिल, एक मोपेड, दो साइकिलें और बड़ी मात्रा में सूखी लकड़ी बरामद हुई, जिससे स्पष्ट हुआ कि सार्वजनिक संपत्ति का निजी उपयोग किया जा रहा था। इसके बाद पुलिस बल और नगर निगम प्रवर्तन दल की मदद से समस्त सामान जब्त कर धर्मशाला को पूरी तरह कब्जा मुक्त कराया गया।

कार्रवाई के दौरान नगर आयुक्त ने अवैध कब्जे पर कड़ी नाराजगी जताई और सहायक नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि कब्जाधारी ललित कांत के खिलाफ नगर निगम अधिनियम की धाराओं के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज कराया जाए। साथ ही जब्त सामान को नगर निगम की अभिरक्षा में जमा कराने के भी निर्देश दिए गए।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने मौके पर मौजूद महिलाओं और क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि नगर निगम की धर्मशालाएं आम जनता की सुविधा के लिए हैं और इनके उपयोग पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवार अपने सामाजिक व पारिवारिक आयोजनों के लिए इनका निशुल्क उपयोग कर सकते हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा कर अवैध वसूली करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शहर की सभी सार्वजनिक धर्मशालाओं और सामुदायिक परिसरों का नियमित निरीक्षण किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायतें सामने न आएं।
नगर आयुक्त की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्रीय महिलाओं और स्थानीय नागरिकों में संतोष और खुशी का माहौल है।





















