- वृंदावन। मथुरा के वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में चल रहे विवाद के बीच आज हाई पावर कमेटी की आपातकालीन बैठक बुलाई गई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और सेवायत गोस्वामियों को सख्त चेतावनी जारी की गई।
- क्या है पूरा विवाद?
- बीते दिन गर्भगृह पर ताला लगाने और भगवान को जंजीरों से “कैद” करने के आरोपों के बाद मंदिर परिसर में हंगामा खड़ा हो गया था। हालांकि मंदिर प्रशासन ने किसी भी प्रकार के ताले या जंजीर लगाने की बात का खंडन किया है।विवाद का मुख्य कारण ठाकुर बांके बिहारी जी को गर्भगृह की बजाय जगमोहन में विराजमान कर श्रद्धालुओं को दर्शन कराना है। इस मुद्दे पर सेवायत गोस्वामियों और हाई पावर कमेटी के बीच मतभेद लगातार गहराते जा रहे हैं।
- बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले-
- भगवान को जगमोहन में विराजमान करने संबंधी बोर्ड की 12-बी बैठक के आदेश की पुनः पुष्टि।
- जगमोहन सेवा से जुड़े गोस्वामी के अलावा अन्य लोगों के प्रवेश पर रोक।
- जगमोहन में हंगामा और प्रदर्शन करने वाले सेवायत गोस्वामियों को कड़ी चेतावनी।
- भविष्य में किसी भी प्रकार के प्रदर्शन पर सख्त मनाही।मंदिर प्रांगण और जगमोहन में मीडिया बाइट पर रोक।
- मीडिया को मंदिर परिसर के बाहर से ही कवरेज करने का प्रस्ताव पारित।
- कमेटी ने स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर की गरिमा और शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- दर्शन व्यवस्था की वर्तमान स्थिति
- राजभोग सेवा के दौरान सेवायत जगमोहन में ही श्रद्धालुओं को दर्शन करा रहे हैं।शयन भोग सेवा के सेवायत जगमोहन से दर्शन कराने का विरोध कर रहे हैं।जानकारी के अनुसार, शयन भोग के समय शाम को गर्भगृह से दर्शन कराए जा रहे हैं।
- अब यह देखना अहम होगा कि शाम शयन भोग के समय सेवायत गोस्वामी ठाकुर जी को जगमोहन में विराजमान कर दर्शन कराते हैं या फिर गर्भगृह से ही दर्शन जारी रखते हैं।हाई पावर कमेटी ने बैठक में पुनः आग्रह किया है कि सभी सेवायत शाम के समय भी जगमोहन से ही दर्शन कराएं।बांके बिहारी मंदिर का यह विवाद अब प्रशासनिक और धार्मिक दोनों स्तर पर बेहद संवेदनशील रूप ले चुका है। आने वाले समय में इस पर क्या समाधान निकलता है, इस पर श्रद्धालुओं और प्रशासन दोनों की नजरें टिकी हुई हैं।
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वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में हाई पावर कमेटी की आपात बैठक, कई अहम फैसले
Rahul Gaur 📍 Mathura
राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।





