झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने इलाके में सनसन पैदा कर दी है। एक पिता ने कथित तौर पर अपने ही नाबालिग बेटे का अपहरण करवाया, जिसमें उसके नकाबपोश साथियों ने अहम भूमिका निभाई। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार शाम को सदर क्षेत्र के एक व्यस्त बाजार में घटी। 14 वर्षीय किशोर राहुल (काल्पनिक नाम) अपने दोस्तों के साथ घूम रहा था, जब अचानक एक सफेद रंग की कार रुकी। कार से उतरे तीन नकाबपोश व्यक्ति, जिनमें से एक किशोर का पिता ही था, ने उसे जबरन कार में खींच लिया। चीख-पुकार मचने के बावजूद राहुल को बाइक सवार एक व्यक्ति ने घसीटते हुए कार में डाल दिया।

सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि पिता ने अपने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था, लेकिन उसकी चाल-ढाल और आवाज से पहचान आसान हो गई। गवाहों ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने राहुल को धमकाते हुए कहा, “चुप रहो, वरना जान से मार देंगे।” पूरी वारदात महज दो मिनट में अंजाम दे दी गई।

अपहरण का कारण?

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह अपहरण पारिवारिक विवाद से जुड़ा हो सकता है। राहुल की मां ने पुलिस को बताया कि पिता और बेटे के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। पिता पर आरोप है कि वह बेटे को अपनी दूसरी पत्नी के पास ले जाना चाहता था, लेकिन राहुल मां के साथ रहना पसंद करता था। एक गवाह ने कहा, “पिता ने पहले भी बेटे को धमकी दी थी, लेकिन आज यह हद पार कर गया।”

पुलिस की कार्रवाई

झांसी पुलिस ने फुटेज के आधार पर तुरंत एक्शन लिया। एसपी ओपी सिंह ने बताया, “हमने अपहरण का केस दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी की मदद से कार का नंबर ट्रेस कर लिया गया है। टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। बेटे की सुरक्षित बरामदगी प्राथमिकता है।” पुलिस ने आसपास के जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है।

जनता की प्रतिक्रिया

घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। बाजार में एक दुकानदार ने कहा, “यह तो पिता का कर्तव्य ही भूल गया। बच्चे की सुरक्षा सबसे ऊपर होनी चाहिए।” सोशल मीडिया पर भी #JhansiKidnap ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।

आगे की जांच

पुलिस अब अपहरणकर्ताओं के मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। यदि यह पारिवारिक मामला साबित होता है, तो इसे बच्चा अपहरण और साजिश के तहत दर्ज किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में मनोवैज्ञानिक मदद की जरूरत होती है। यह घटना एक बार फिर पारिवारिक विवादों के खतरनाक रूप को उजागर करती है। अपडेट के लिए बने रहें।

  • रिपोर्ट – नेहा श्रीवास

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