नई दिल्ली/केनरवल। नासा की भारतीय-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (60 वर्ष) ने अपना करियर समाप्त कर दिया। नासा के आधिकारिक बयान के अनुसार, उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर 2025 से लागू हो गई। साथ ही, उनके साथ स्टारलाइनर मिशन में फंसे बुच विलमोर (Butch Wilmore) ने भी पिछले साल गर्मियों में नासा छोड़ दिया था।
स्टारलाइनर मिशन:
1 सप्ताह से 9 महीने तक का सफर 2024 में सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर बोइंग के नए स्टारलाइनर कैप्सूल से ISS पहुंचे थे। मिशन सिर्फ एक सप्ताह का था, लेकिन कैप्सूल में थ्रस्टर और अन्य तकनीकी खराबी के कारण यह 9 महीने (जून 2024 से मार्च 2025 तक) खिंच गया। स्टारलाइनर को खाली लौटाया गया, और दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को SpaceX ड्रैगन कैप्सूल से मार्च 2025 में पृथ्वी पर वापस लाया गया। यह मिशन नासा और बोइंग के लिए बड़ा सबक रहा।
27 साल की सेवा, रिकॉर्ड्स की झड़ी
- नौसेना की पूर्व कप्तान सुनीता ने नासा में 27+ वर्ष दिए।
- कुल 608 दिन (लगभग 1 साल 8 महीने) अंतरिक्ष में बिताए – नासा के इतिहास में किसी महिला द्वारा सबसे ज्यादा समय।
- 3 मिशन ISS पर पूरे किए।
- 9 स्पेसवॉक (EVA) में कुल 62 घंटे – महिला द्वारा सबसे लंबा स्पेसवॉक रिकॉर्ड। नासा के नए प्रशासक जैरेड आइजैकमैन ने उन्हें “अंतरिक्ष उड़ान के क्षेत्र में अग्रणी” बताया और कहा: “आपकी शानदार सेवानिवृत्ति पर बधाई। आपने अंतरिक्ष को अपना पसंदीदा स्थान बताया है।”
अगला स्टारलाइनर मिशन:
बिना क्रू के नासा ने घोषणा की कि बोइंग का अगला स्टारलाइनर मिशन (Starliner-1) अप्रैल 2026 या उसके बाद होगा, लेकिन इसमें कोई मानव यात्री नहीं होगा – सिर्फ कार्गो और सप्लाई। एजेंसी पहले थ्रस्टर, प्रोपल्शन और अन्य मुद्दों को पूरी तरह ठीक करना चाहती है। इसके बाद ही क्रू रोटेशन मिशन शुरू होंगे।
भारतीय जड़ें और पारिवारिक बैकग्राउंड
सुनीता विलियम्स के पिता दीपक पांड्या गुजरात के जाने-माने तंत्रिका विज्ञानी थे। मां उर्सुलीन बोनी पांड्या स्लोवेनियाई-अमेरिकी मूल की हैं। सुनीता ने भारतीय संस्कृति को अंतरिक्ष में भी जीवित रखा – उन्होंने ISS पर भारतीय झंडा फहराया, योग किया और भारतीय व्यंजनों का जिक्र किया। उनकी सेवानिवृत्ति को अंतरिक्ष जगत में “एक युग का अंत” माना जा रहा है।
समुदाय और नासा की प्रतिक्रियाएं
- भारतीय-अमेरिकी समुदाय और भारत में उनकी सेवानिवृत्ति पर गर्व और भावुकता है।
- कई लोग कह रहे हैं: “सुनीता दीदी ने भारत का नाम रोशन किया।”
- नासा ने उन्हें “रिकॉर्ड-होल्डिंग” और “इंस्पिरेशनल” बताया।

