जलभराव और कीचड़ से लथपथ रास्ता बना आखिरी यात्रा का सबसे कठिन पड़ाव, जिम्मेदार बेखबर

📌”ना सुनवाई, ना सुधार – श्मशान घाट मार्ग बना जनविकल्पहीनता का प्रतीक”

रिपोर्ट 🔹सुशील गुप्ता

फतेहाबाद/आगरा । कस्बा फतेहाबाद से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित जोनेश्वर श्मशान घाट तक पहुँचने का रास्ता आज भी मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है। बारिश के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। भोलपुरा गांव के समीप श्मशान घाट मार्ग पर भारी जलभराव और गहरे कीचड़ के चलते अंतिम संस्कार में शामिल होने आए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

श्मशान घाट तक जाने वाले इस मार्ग पर कीचड़ में फिसलन के चलते अर्थियों को कंधे की जगह हाथों में लटका कर आगे बढ़ाना पड़ता है। वाहन तो दूर, लोग खुद को संभाल नहीं पाते। कई बार बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे कीचड़ में गिर जाते हैं। मूसलाधार बारिश के दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब लोगों को घुटनों तक पानी में होकर गुजरना पड़ता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम प्रधान एवं जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन और मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन आज तक किसी ने सुध नहीं ली। जनता की यह पीड़ा हर शव यात्रा में दिखाई देती है, लेकिन व्यवस्था मौन है।

जनता की मांग है कि जोनेश्वर घाट मार्ग पर जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए, मार्ग को पक्का किया जाए तथा कीचड़ से मुक्ति दिलाई जाए, ताकि अंतिम यात्रा में शामिल लोग सम्मानपूर्वक विदाई दे सकें।


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