लखनऊ/आगरा: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 11 फरवरी 2026 को पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये के बजट ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। जहां सत्तारूढ़ भाजपा के नेता इसे ऐतिहासिक, विकासोन्मुख और आत्मनिर्भर यूपी की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, वहीं विपक्षी समाजवादी पार्टी (SP) ने इसे जमीनी हकीकत से दूर बताते हुए जनता के साथ छल करार दिया है। बजट में आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर फोकस है, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि ये सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी है।

राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने बजट की सराहना करते हुए इसे प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट बताया। उन्होंने कहा, “यह बजट विकास, भरोसे और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। सरकार की सुदृढ़ आर्थिक नीति और दूरदर्शी नेतृत्व से प्रदेश नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।” सांसद ने आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर विशेष फोकस को सराहा। उन्होंने किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए घोषणाओं को स्वागतयोग्य बताते हुए कहा कि कृषि सशक्तीकरण, महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा और युवाओं को तकनीकी दक्षता से सामाजिक-आर्थिक मजबूती आएगी। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था पर प्राथमिकता के लिए CM योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री की प्रशंसा की, और विश्वास जताया कि यह बजट यूपी को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर ले जाएगा।

भाजपा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने बजट को अब तक का सबसे उत्कृष्ट, शानदार और रोजगारोन्मुखी बताया। उन्होंने कहा, “यह बजट गांव, गरीब और किसान के समग्र विकास को समर्पित है। आम जनता को काम मिलेगा, रोजगार बढ़ेंगे और विकास जमीन पर दिखेगा।” विधायक ने गांव की सड़कों से शहर की गलियों तक विकास की तस्वीर पेश करने की बात कही। उन्होंने सपा सरकार की तुलना में बजट को पांच गुना बड़ा बताते हुए CM योगी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा, “पहले विकास कागजों पर था, अब धरातल पर नजर आ रहा है। यह आत्मनिर्भर और आर्थिक मजबूत यूपी की दिशा में मजबूत कदम है।”

भाजपा के वरिष्ठ नेता यादवेंद्र शर्मा ने भी बजट की तारीफ की। उन्होंने कहा, “यह बजट बुनियादी ढांचे का विस्तार करेगा, रोजगार सृजन बढ़ाएगा और यूपी विकास के नए मानक स्थापित करेगा। मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी योजना और किसानों के लिए 11 हजार करोड़ प्रावधान सराहनीय हैं। उद्योग विकास और चिकित्सा सेवाओं पर फोकस से प्रदेश मजबूत होगा।”

वहीं, समाजवादी पार्टी के आगरा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह बजट जमीनी सच्चाई से दूर है। बड़ा बजट पेश कर आंकड़ों की बाजीगरी की गई, लेकिन जनता को कोई वास्तविक राहत नहीं मिली।” उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था बदहाल है, स्कूल बंद हो रहे हैं, शिक्षक कम हैं और सुविधाएं अधूरी। नौजवान बेरोजगार, किसान महंगी खाद-डीजल-पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य में डॉक्टर-दवाइयों की कमी है। आगरा स्मार्ट सिटी में करोड़ों खर्च के बावजूद टूटी सड़कें, पानी की समस्या और अधूरी योजनाएं हैं। उन्होंने सवाल उठाया, “इतना बड़ा बजट है, तो जनता को राहत क्यों नहीं?” साथ ही दावा किया कि 2027 में सत्ता की विदाई तय है, क्योंकि विकास के दावों की हकीकत जनता के सामने आ चुकी है।

यह बजट विवाद यूपी की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है। सत्तापक्ष इसे विकास की गारंटी बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे खोखला बताकर 2027 चुनाव की तैयारी कर रहा है।

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