आगरा | जिला नजर| संवाददाता
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों के विरोध में सवर्ण समाज का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 28 जनवरी 2026 को परशुराम दल इकाई आगरा (उत्तर प्रदेश) द्वारा जिलाधिकारी महोदय की उपस्थिति में ADM सिटी यमुनाधर चौहान को महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम एक ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया।
परशुराम दल के पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से यूजीसी के नियमों को समाज को विभाजित करने वाला और सवर्ण समाज विरोधी काला कानून करार दिया। संगठन का कहना है कि इस तरह के प्रावधान न केवल सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भी असंतुलन पैदा करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि केंद्र सरकार इस कानून पर तत्काल पुनर्विचार कर संशोधन करे, अन्यथा सवर्ण समाज देशभर में चरणबद्ध आंदोलन को मजबूर होगा।
ज्ञापन सौंपते समय प्रशासन से अपेक्षा जताई गई कि समाज की भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए यह बात शीर्ष स्तर तक पहुंचाई जाए।
इस मौके पर परशुराम दल एवं सवर्ण समाज के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—सतेन्द्र लवानिया (प्रदेश सह संयोजक, उत्तर प्रदेश),
श्याम सुंदर शर्मा (जिला प्रभारी/कार्यकारी जिलाध्यक्ष),
जितेन्द्र शर्मा (महानगर सचिव),अमित वशिष्ठ (महानगर सोशल मीडिया प्रभारी),विनायक शर्मा (जिला अध्यक्ष, देहात),शिव शंकर सारस्वत, यतीश लवानिया, मोहित तिवारी,अमित शर्मा, नीरज लवानिया, शिवम शर्मा,
नीरज शर्मा, राम शर्मा, अमित पचोरी, देवेन्द्र शर्मा
सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
परशुराम दल के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह विरोध शांतिपूर्ण है, लेकिन यदि सरकार ने मांगों को नजरअंदाज किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

