मुरैना/मप्र |जिला नजर| रिपोर्ट : मुहम्मद इसरार ख़ान

मानवता, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हुए ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फ़ोरम (झांसी यूनिट) द्वारा जिला जेल मुरैना में मानवीय आधार पर कार्य की आवश्यकता विषय पर एक विशेष सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जेल में निरुद्ध 50 बंदियों को कपड़े वितरित किए गए, जिससे कार्यक्रम को मानवीय संवेदना का सशक्त स्वरूप मिला।

कार्यक्रम में फ़ोरम के ऑल इंडिया को-ऑर्डिनेटर मौलाना सैय्यद अब्दुल अली हसनी नदवी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज देश में लगभग 20 करोड़ लोग भूख की समस्या से जूझ रहे हैं, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने समाज में बढ़ते मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसका नकारात्मक प्रभाव बच्चों और बड़ों—दोनों के मानसिक एवं सामाजिक विकास पर पड़ रहा है।

मौलाना ने कहा कि समाज में बुराइयाँ उतनी नहीं हैं, जितनी सोशल मीडिया के माध्यम से दिखाई जाती हैं, लेकिन नशे की लत समाज के लिए एक गंभीर खतरा बन चुकी है। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके खिलाफ जागरूक करने का आह्वान किया।

उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि आज के समय में मानवता का संदेश सबसे बड़ी आवश्यकता है।

अपने प्रेरणादायक संबोधन में मौलाना ने ख्वाजा गरीब नवाज़ हज़रत ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेरी का उदाहरण देते हुए कहा—

“अगर कोई तुम्हारे रास्ते में कांटे बिछाए, तो तुम फूल बिछाओ; खुशबू फैलेगी और संभव है रास्ता फूलों से भर जाए।”

उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि यदि यह ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगे, तो देश प्रगति करेगा, लेकिन यदि इसका दुरुपयोग हुआ तो यह राष्ट्र के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।

एक दृष्टांत देते हुए उन्होंने कहा कि यदि जहाज़ के निचले हिस्से में सुराख कर दिया जाए, तो पूरा जहाज़ डूब सकता है, इसलिए सभी को मिलकर मानवता की कश्ती को बचाना होगा।

मौलाना ने फ़ोरम के संस्थापक मौलाना अली मियां नदवी का उल्लेख करते हुए बताया कि उनकी बीमारी के दौरान देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी उनसे मिलने पहुंचे थे। उस समय उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, राज्यपाल सूरज भान, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और लालजी टंडन भी मौजूद थे।

मौलाना अली मियां नदवी ने उस अवसर पर कहा था कि भारत तीन मजबूत स्तंभों—लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और अहिंसा—पर टिका है, और इनकी रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में जेलर एस.के. शर्मा, मुफ़्ती इमरान नदवी, अकील सिद्दीकी, क़ाज़ी अशरफ़, अब्दुर रहमान, एडवोकेट इमरान ख़ान, मौलाना साबिर, सादिक, पत्रकार इसरार ख़ान, अब्दुल वकील, हसनैन ख़ान सहित अनेक गणमान्य लोग** उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के उपेक्षित वर्गों तक मानवता, सहानुभूति और सेवा का संदेश पहुंचाना रहा, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहना के साथ सराहा।

 

"गांव से शहर तक, गलियों से सड़क तक- आपके इलाके की हर धड़कन को सुनता है "जिला नजर" न्यूज़ नेटवर्क: नजरिया सच का

error: Content is protected !!
Exit mobile version