आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए उन्नत तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। स्टेशन और उसके सर्कुलेटिंग एरिया में 200 से अधिक AI आधारित फेस रिकग्निशन CCTV कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं, जो रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के कंट्रोल रूम से सीधे जुड़े होंगे। यह पहल यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चोरी, अपराध और अन्य घटनाओं की रोकथाम के लिए की जा रही है।

आरपीएफ की महानिदेशक सोनाली मिश्रा ने बताया कि AI लैस फेस रिकग्निशन CCTV कैमरों की स्थापना का काम स्टेशन के प्लेटफॉर्म और सर्कुलेटिंग एरिया में तेजी से चल रहा है। इस परियोजना की निगरानी रेलवे बोर्ड द्वारा की जा रही है। वहीं, जनसंपर्क अधिकारी (PRO) प्रशस्ति श्रीवास्तव ने कहा कि 200 से अधिक एडवांस्ड CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और कार्य जल्द पूरा हो जाएगा। अपराधियों का डाटाबेस भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे यदि कोई संदिग्ध कैमरे की जद में आएगा, तो तुरंत अलर्ट जारी होगा।

यह पहली बार है जब आगरा कैंट स्टेशन पर AI आधारित CCTV का उपयोग किया जा रहा है। यह प्रणाली रीयल-टाइम में चेहरों की पहचान कर अपराधियों को ट्रैक करने में सक्षम होगी, जिससे स्टेशन पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखी जा सकेगी। भारतीय रेलवे में इस तरह की तकनीक का विस्तार अन्य स्थानों पर भी हो रहा है, जैसे कि सात प्रमुख स्टेशनों (नई दिल्ली, मुंबई CST, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, अहमदाबाद और सिकंदराबाद) पर AI फेस रिकग्निशन सिस्टम की तैनाती, जो महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने पर फोकस कर रही है। इसके अलावा, प्रयागराज, झांसी और आगरा डिविजनों में ट्रेन कोचेस में भी AI-पावर्ड CCTV लगाए जा रहे हैं, जो यात्री सुरक्षा को और मजबूत करेंगे।

हालांकि, इस तकनीक से सुरक्षा में सुधार होगा, लेकिन प्राइवेसी संबंधी चिंताएं भी उठ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डाटा सुरक्षा और नैतिक उपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह प्रणाली यात्रियों के हित में है और अपराधों पर अंकुश लगाने में कारगर साबित होगी।

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