मुरैना/मप्र। मुरैना विधायक दिनेश गुर्जर किसानों के प्रतिनिधि मंडल के साथ ग्वालियर–आगरा प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे सड़क परियोजना के तहत हो रहे भूमि अधिग्रहण के संबंध में आज मुरैना कलेक्टर से मिले। उन्होंने किसानों को उनकी भूमि का उचित मुआवजा दिलाने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी।
विधायक गुर्जर ने बताया कि इस परियोजना के तहत मुरैना जिले के 28 गांवों में किसानों की जमीन अधिग्रहित की जानी प्रस्तावित है, लेकिन किसानों को अन्य राज्यों की तरह बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। इससे क्षेत्र के किसान आक्रोशित और चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि अधिग्रहित की जा रही भूमि बेशकीमती, व्यवसायिक एवं बहुफसली है, जबकि किसानों को नाममात्र का मुआवजा दिया जा रहा है।
उन्होंने मांग की कि संबंधित गांवों में पिछले पांच वर्षों से कलेक्टर गाइडलाइन रेट में वृद्धि नहीं हुई है, जिसे बढ़ाकर लगभग दोगुना किया जाए तथा उसी आधार पर बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा किसानों को दिया जाए। विधायक ने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्यों राजस्थान और उत्तर प्रदेश में वर्तमान में बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है, उसी प्रकार मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में भी केन्द्रीय भूमि अधिग्रहण कानून 2013 लागू करते हुए किसानों को चार से पांच गुना अधिक मुआवजा दिया जाए।
इसके साथ ही जिन किसानों की खड़ी फसलें नष्ट हुई हैं, उनकी तत्काल जांच कर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मुरैना के माध्यम से तहसीलदारों द्वारा नुकसान का आकलन कर शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग भी रखी गई।
विधायक गुर्जर ने कहा कि विकास परियोजनाएं क्षेत्र के लिए आवश्यक हैं, लेकिन किसानों के हितों की अनदेखी कर कोई भी विकास स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा, पुनर्वास एवं रोजगार से जुड़े लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने विधायक की मांगों को गंभीरता से सुना और नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर किसानों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे और उन्होंने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं।
- रिपोर्ट – जिला ब्यूरो चीफ मुरैना मुहम्मद इसरार खान

