मुरैना/मप्र। मध्यप्रदेश के जनपद मुरैना के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को कलेक्टर श्री अंकित अस्थाना की अध्यक्षता में आयोजित टीएल बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कलेक्टर ने जनहानि की आशंका को देखते हुए जर्जर भवनों को तत्काल डिस्मेंटल करने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों को रोकने के लिए केमिकल छिड़काव के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने जुलाई माह में प्राप्त शिकायतों का 80% और 50 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का 25% संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। आपदा प्रबंधन के तहत मोटरबोट की मरम्मत के लिए जिला कमान्डेंट होमगार्ड को निर्देश दिए गए। साथ ही, जिले के सभी स्कूलों, आंगनबाड़ियों और छात्रावासों की इमारतों का भौतिक सत्यापन कर मंगलवार तक रिपोर्ट सौंपने और जर्जर भवनों को तीन दिनों में डिस्मेंटल करने का आदेश दिया गया।

खाद्य मिलावट पर सख्ती:

कलेक्टर ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अभियान की समीक्षा की। सीएमएचओ ने बताया कि पिछले सप्ताह 23 सैंपल लिए गए। हालांकि, खाद्य सुरक्षा अधिकारी की अनुपस्थिति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए उनके एक दिन के वेतन काटने के निर्देश दिए।

बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर श्री सीबी प्रसाद, आयुक्त नगर पालिक निगम, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ उपस्थित रहे।

कलेक्टर के निर्देशों से जिले में आपदा प्रबंधन, जनसुरक्षा और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। जर्जर भवनों को हटाने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुरक्षा के ये कदम आमजन के हित में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

रिपोर्ट 🔹 मुहम्मद इसरार खान

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