आगरा: आगरा के वार्ड 77 (शहीद नगर) अंतर्गत चमरौली इलाके में होलिका दहन के लिए बनाए गए अस्थायी चबूतरे को नगर निगम की टीम द्वारा ध्वस्त करने से इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया है। ग्रामीणों और स्थानीय पार्षद का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के परंपरागत पूजा स्थल को तोड़ा गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि खेलकूद मैदान के रूप में दर्ज सार्वजनिक भूमि पर पिछले 50-60 वर्षों से होलिका दहन की परंपरा चली आ रही है। मोहल्ले की बैठक में फैसला लिया गया था कि अस्थायी कच्चा चबूतरा बनाया जाएगा, जो भविष्य में पार्क विकसित होने पर खुद हटा दिया जाएगा। इस पर क्षेत्रीय पार्षद दीपक वर्मा की भी सहमति थी। ग्रामीणों ने आपसी चंदा जुटाकर चबूतरा तैयार कराया, लेकिन नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर इसे जेसीबी से ध्वस्त कर दिया।
पार्षद दीपक वर्मा ने बताया, “जब मुझे सूचना मिली और मैं मौके पर पहुंचा, तो नगर निगम के आरआई (संभवतः वैभव यादव) ने मेरे साथ हाथापाई और गाली-गलौज की। स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया और मुझे सुरक्षित निकाला।” उन्होंने इसे धार्मिक स्थल पर सीधी कार्रवाई करार देते हुए नगर आयुक्त से शिकायत दर्ज कराई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
नगर निगम की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई अवैध अतिक्रमण हटाने के तहत की गई। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक हंगामा रहा और लोग निगम की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
प्रमुख बिंदु:
- स्थान: वार्ड 77, शहीद नगर, चमरौली, आगरा
- कारण: खेल मैदान पर अस्थायी चबूतरा (चंदा से बनाया)
- परंपरा: 50-60 साल पुरानी होलिका दहन प्रथा
- विवाद: बिना सूचना तोड़ना, पार्षद से नोकझोंक/हाथापाई
- वर्तमान स्थिति: तनावपूर्ण, जांच की मांग
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें नगर निगम टीम और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस दिख रही है। आगे की जांच से स्थिति स्पष्ट होगी।

