फतेहाबाद/आगरा: फतेहाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में गुरुवार को वेतन और प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (पीबीआई) भुगतान को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) के बीच तीखा विवाद हुआ, जो जल्द ही मारपीट में बदल गया। इस घटना में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और मामले की जांच शुरू कर दी है।

घटना का विवरण

सीएचओ मुकेश शर्मा और उमेश कुमार गुरुवार को सीएचसी फतेहाबाद पहुंचे थे। वहां ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर लोकेन्द्र कुमार से वेतन और पीबीआई भुगतान को लेकर बहस शुरू हुई। बहस तेज होते ही हाथापाई में बदल गई। सीएचओ उमेश कुमार ने आरोप लगाया कि बीपीएम के साथ आए कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें चोटें आईं। बीपीएम पक्ष ने भी सीएचओ पर आरोप लगाए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही अपराध इंस्पेक्टर राजवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति नियंत्रित की। इंस्पेक्टर तरुण धीमान ने बताया कि घटना के बाद दोनों सीएचओ और बीपीएम का मेडिकल मुआयना कराया गया है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

अस्पताल प्रशासन का बयान

सीएचसी अधीक्षक डॉ. उदय प्रताप सिंह ने बताया कि वेतन और पीबीआई से संबंधित धनराशि बुधवार शाम को केंद्र के खाते में आ गई थी। गुरुवार को सभी सीएचओ का वेतन वितरित किया जाना था, लेकिन विवाद और मारपीट की घटना के कारण वेतन वितरण नहीं हो सका।

सीएचओ मुकेश शर्मा और उमेश कुमार ने आरोप लगाया कि उनका वेतन और पीबीआई का भुगतान जानबूझकर रोका जा रहा था, जबकि धनराशि केंद्र पर पहुंच चुकी थी। उन्होंने बताया कि धनराशि आने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अधीक्षक को मैसेज के माध्यम से भुगतान के लिए सूचित किया था।

  • रिपोर्ट – सुशील गुप्ता

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