झांसी | गुरसराय | संवाददाता- रोहित साहू।
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के गुरसराय में दिव्य प्रेम सेवा मिशन के तत्वावधान में ‘बुंदेलखंड कुरैठा महोत्सव’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह 10 दिवसीय समारोह 1 फरवरी से 10 फरवरी तक नावली सरकार आश्रम प्रांगण, कुरैठा में होगा, जिसमें श्री विष्णु महायज्ञ, श्रीमद्भागवत कथा, सामूहिक कन्या विवाह, रामलीला, कवि सम्मेलन और विशाल भंडारे जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. जगदीश सिंह चौहान ने बताया कि यह महोत्सव दिव्य प्रेम सेवा मिशन के सामाजिक और धार्मिक अभियानों को समर्पित है, जो विगत वर्षों से लोगों में जागरूकता फैला रहा है।
महोत्सव की मुख्य विशेषताएं
महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, और आयोजन स्थल को भव्य रूप दिया जा रहा है। मुख्य कार्यक्रमों में शामिल हैं:
श्री विष्णु महायज्ञ: यज्ञाचार्य पंडित ज्ञानेन्द्र शास्त्री (अयोध्या धाम) द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न होगा।
श्रीमद्भागवत कथा: कथावाचिका पूज्या साधना श्रीजी (देवी महेश्वरी) द्वारा वाचन किया जाएगा।
सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां: रामलीला, कवि सम्मेलन, सामूहिक कन्या विवाह और अंत में विशाल भंडारा।
यह महोत्सव बुंदेलखंड क्षेत्र में धार्मिक आस्था का केंद्र बनता जा रहा है, जो परिवारों को संस्कारित करने और क्षेत्र में जागृति लाने का काम करेगा।
नेताओं और आयोजकों के विचार
गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने कहा, “बुंदेलखंड कुरैठा महोत्सव धार्मिक आस्था का केंद्र बनता जा रहा है, जो परिवार को संस्कारित करने का काम कर रहा है। इससे क्षेत्र में जागृति आएगी।” उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई कैबिनेट मंत्री इस महोत्सव में शिरकत करेंगे।
सह-संयोजक और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि बामौर केशव सिंह परिहार ने कहा, “कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने के लिए रूपरेखा तैयार कर दी गई है। आयोजन स्थल को आकर्षक रूप दिया जाएगा।”
कार्यक्रम संयोजक डॉ. जगदीश सिंह चौहान, जो बुंदेलखंड विकास बोर्ड के सदस्य भी हैं, ने जोर देकर कहा कि दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार विगत वर्षों से धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहा है।
पत्रकार वार्ता में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति
पत्रकार वार्ता के दौरान जिला महामंत्री बद्री प्रसाद त्रिपाठी, बामौर ब्लॉक प्रमुख चंद्रभान सिंह अहिरवार, गोविंद प्रताप सिंह राजा भैया, मूरतध्वज सिंह बरगांय, मानवेंद्र सिंह माना (प्रधान गोकुल), योगेंद्र सिंह चौहान, सुखदेव सिंह दीपू अस्ता, एम.एस. कुरैठा, देवेंद्र सिंह राजू सेंगर, योगेश प्रताप सिंह चौहान, गोल्डी चंदेल, श्रीराम विश्वकर्मा, हरनाथ सिंह तोमर, कृष्ण पाल सिंह सोमवंशी, धीरेंद्र राय, अनिल तोमर, सूरज सिंह राजावत, पुल्ले तोमर सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
यह महोत्सव न केवल धार्मिक महत्व का है, बल्कि बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे इस समारोह में अधिक से अधिक भाग लें और इसका लाभ उठाएं।


