हाथरस |संजय भारद्वाज|जिला नजर संवाददाता:
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक दर्दनाक हादसे ने स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़का दिया। मुरसान कोतवाली क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार ने ढाई साल के मासूम बच्चे को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बच्चे की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने थाने पर जमकर पथराव किया, जिससे पुलिस के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने मथुरा-बरेली मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
घटना का विवरण
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह हादसा रविवार शाम को हुआ जब बच्चा सड़क किनारे खेल रहा था। एक तेज गति से आ रही कार ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। बच्चे का शव घर पहुंचते ही परिवार और आसपास के लोग उग्र हो गए। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। देखते ही देखते भीड़ थाने की ओर बढ़ गई और पथराव शुरू हो गया।
पथराव में पुलिस के कई वाहनों को नुकसान पहुंचा, जिसमें एक जीप और कुछ मोटरसाइकिलें शामिल हैं। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। लाठीचार्ज में कई लोग घायल हुए हैं, हालांकि अभी तक कोई गंभीर चोट की सूचना नहीं है।
पुलिस की कार्रवाई
मुरसान कोतवाली के थानाध्यक्ष ने बताया कि हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ आईपीसी की धारा 304ए (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। थाने पर पथराव करने वालों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति और बिगड़े नहीं।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में तेज रफ्तार वाहनों की वजह से अक्सर हादसे होते हैं, लेकिन पुलिस कोई ठोस कदम नहीं उठाती। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “बच्चे की मौत से पूरा गांव सदमे में है। हम न्याय चाहते हैं, लेकिन पुलिस की सुस्ती से गुस्सा फूट पड़ा।” वहीं, बच्चे के परिवार ने मांग की है कि दोषी चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाए और मुआवजे की व्यवस्था की जाए।
यातायात प्रभावित
पथराव और जाम की वजह से मथुरा-बरेली मार्ग पर घंटों ट्रैफिक रुका रहा। पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को डायवर्ट किया, लेकिन कई यात्री परेशान हुए। देर शाम तक जाम खुलवाया जा सका।
यह घटना सड़क सुरक्षा और पुलिस की तत्परता पर सवाल खड़े करती है। जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।


