आगरा: शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक मदिया कटरा तिराहा आज दोपहर अचानक अफरा-तफरी का मंजर बन गया। पानी की मुख्य लाइन में कई दिनों से हो रहे लीकेज के कारण सड़क की नींव कमजोर हो गई थी। मिट्टी लगातार बहने से सड़क अंदर से पूरी तरह खोखली (पोली) हो चुकी थी। इसी दौरान तिराहे से गुजर रही एक स्कूल बस अचानक धंस गई और उसमें फंस गई। बस में स्कूली बच्चे सवार थे, जिससे सबकी सांसें थम गईं।

गनीमत रही, कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ

बस का पिछला हिस्सा गड्ढे में धंस गया, लेकिन बच्चों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से सभी बच्चे बिना किसी चोट के बस से बाहर आए। हालांकि, घटना से इलाके में भीषण जाम लग गया। मदिया कटरा से दिल्ली गेट और मानसिक स्वास्थ्य केंद्र तक यातायात पूरी तरह ठप हो गया। दोपहर का समय था, स्कूलों की छुट्टी हो रही थी, इसलिए कई स्कूल वैन, अभिभावकों की गाड़ियां और आम लोग जाम में फंस गए। बच्चे बसों में देर तक फंसे रहे, जिससे माता-पिता बेहद चिंतित हो गए।

लोगों ने लगाए विभाग पर लापरवाही के आरोप

स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने बताया कि पिछले चार दिनों से पानी की लाइन में लगातार रिसाव हो रहा था। कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन नगर निगम और जलकल विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी लापरवाही के चलते सड़क की नींव कमजोर हुई और यह हादसा हुआ। लोगों ने गुस्से में कहा, “अगर समय पर मरम्मत हो जाती तो बच्चों की जान खतरे में नहीं पड़ती।”

विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल मौके पर पहुंचे

सूचना मिलते ही स्थानीय पार्षद अमित पटेल और विक्रांत मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल को सूचित किया। विधायक जी खुद घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मौके से ही जलकल विभाग के जीएम से फोन पर बात की और तुरंत मरम्मत शुरू करने के सख्त निर्देश दिए।

कार्रवाई और राहत कार्य

विधायक की फटकार के बाद जलकल विभाग की टीम जेसीबी मशीन लेकर पहुंची। फंसी हुई बस को बाहर निकाला गया और सड़क की खुदाई कर लीकेज ठीक करने का काम शुरू हो गया। पुलिस ने यातायात व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया, लेकिन जाम कई घंटों तक बना रहा।

क्षेत्रवासियों की मांग

लोगों ने मांग की है कि आगरा शहर भर में पुरानी पानी की लाइनों की तत्काल जांच और मरम्मत हो। “ऐसी घटनाएं कहीं भी हो सकती हैं, बच्चों और आम जनता की सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए।” विभाग की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं और लोग सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा कर रहे हैं।

दैनिक जिला नज़र – (नजरिया सच का) प्रिंट & सोशल मीडिया न्यूज़ नेटवर्क दैनिक जिला नज़र सत्यनिष्ठ पत्रकारिता और जनपक्षीय विचारधारा का विश्वसनीय मंच है। हम समाचारों को केवल प्रसारित नहीं करते—बल्कि उन्हें प्रमाणिकता, नैतिकता और गहन विवेक के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। स्थानीय सरोकारों से लेकर राष्ट्रीय मुद्दों तक, हर सूचना को हम निष्पक्ष दृष्टि, आधुनिक संपादकीय मानकों और जिम्मेदार मीडिया आचरण के साथ प्रस्तुत करते हैं। प्रिंट की गरिमा और डिजिटल की गति—दोनों का संतुलित संगम है "जिला नज़र"। हमारा ध्येय है— सत्य को स्वर देना, समाज को दिशा देना। दैनिक जिला नज़र जहाँ समाचार विश्वसनीयता की भाषा बोलते हैं।

error: Content is protected !!
Exit mobile version