आगरा: जिले के सबसे पुराने और व्यस्त बाजारों में शुमार राजामंडी स्थित लाभचंद मार्केट (धर्मलाभ मार्केट) अब बड़े संकट में फंस गया है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद मंगलवार को राजस्व विभाग की टीम ने मार्केट में पैमाइश और सीमांकन की कार्रवाई शुरू कर दी। जांच में करीब 60 दुकानें और उनके ऊपर बने होटल व शोरूम अवैध निर्माण की जद में आए हैं, जिन्हें ध्वस्त किया जा सकता है।
मार्केट में मची अफरा-तफरी
सुबह जैसे ही राजस्व विभाग की टीम फीता और उपकरण लेकर पहुंची, पूरे बाजार में हड़कंप मच गया। दुकानदारों और व्यापारियों में अपने भविष्य को लेकर गहरी चिंता दिखी। किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पीएसी बल भी मौके पर तैनात रहा। दुकानदारों ने बताया कि दशकों से यहां व्यापार कर रहे हैं, लेकिन अब सब कुछ अधर में लटक गया है।
डीएम का बयान
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही यह पैमाइश कराई जा रही है। अवैध दुकानों, होटलों का सीमांकन किया जा रहा है। पूरी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जाएगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
भ्रष्टाचार की नींव पर खड़ा मार्केट?
आरोप है कि लाभचंद मार्केट की शुरुआत ही भ्रष्टाचार पर हुई। पहले सड़क की सरकारी जमीन पर 60 दुकानें बनाई गईं, फिर उनके ऊपर होटल और शोरूम खड़े कर दिए गए। दुकानदारों और पट्टाधारकों के बीच किराए को लेकर विवाद बढ़ा, तब मामला उजागर हुआ और सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया।
सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश
याचिकाकर्ता दुकानदार एएस सूरी के अधिवक्ता बलविंदर सिंह ने बताया कि अगर राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि सड़क के रूप में दर्ज पाई जाती है, तो इसे हर हाल में खाली कराया जाएगा और सार्वजनिक मार्ग बहाल किया जाएगा। कोर्ट ने जांच के दौरान यह देखने को कहा है कि किरायेदारी शुरू होने से पहले रिकॉर्ड में भूमि सड़क थी या नहीं।
पट्टा निरस्त, फिर भी वसूली जारी?
राजस्व विभाग के अनुसार, यह जमीन पहले धर्मचंद जैन को विशेष शर्तों पर पट्टे पर दी गई थी। अब उनके वारिसों का कब्जा है। आरोप है कि नगर निगम ने पट्टा पहले ही निरस्त कर दिया था, लेकिन दुकानदारों से भारी किराया वसूला जा रहा है। यहां दशकों से व्यापार करने वाले 60 दुकानदार अब बेरोजगार होने की कगार पर हैं।
आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्ट के आधार पर फैसला होगा – अगर अवैध साबित हुआ तो ध्वस्तीकरण, वरना राहत मिल सकती है। लेकिन फिलहाल मार्केट में अनिश्चितता का माहौल है। व्यापारी एसोसिएशन से अपील कर रहे हैं कि उनके हितों का ध्यान रखा जाए।
लोकल इम्पैक्ट
राजामंडी आगरा का प्रमुख कमर्शियल हब है। अगर 60 दुकानें ध्वस्त हुईं तो सैकड़ों परिवार प्रभावित होंगे। यह मामला अवैध निर्माण और सरकारी जमीन के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण बन रहा है।

