इगलास/अलीगढ़। जनपद अलीगढ़ के इगलास कस्बे में स्थित लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज प्रांगण में 18 फरवरी को प्रस्तावित मण्डलीय वृहद पशु आरोग्य शिविर की तैयारियां जोरों पर हैं। शिविर को सफल एवं सुव्यवस्थित रूप से आयोजित कराने के उद्देश्य से अपर निदेशक -पशु अलीगढ़ मंडल डॉ. हौसला प्रसाद एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी -CVO अलीगढ़ डॉ. दिवाकर त्रिपाठी ने अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रभा कटियार के साथ पूरे मैदान का भ्रमण किया तथा पंडालों की व्यवस्था, पंजीकरण काउंटर, दवा वितरण केंद्र, टीकाकरण स्थल, सर्जरी इकाई, कृत्रिम गर्भाधान कक्ष एवं विभागीय स्टॉलों के लिए चिन्हित स्थानों का गहन अवलोकन किया।
गांव-गांव पहुंचकर किसानों को करें जागरूक
अपर निदेशक डॉ. हौसला प्रसाद ने कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। प्रत्येक पशु चिकित्सालय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों में टीम बनाकर किसानों व पशुपालकों को शिविर की तिथि, स्थान एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी जाए।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि पशुपालकों को यह बताया जाए कि शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आधुनिक तकनीकों से उपचार, टीकाकरण एवं परामर्श सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे पशुधन की उत्पादकता बढ़ेगी और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।
शिविर में मिलेंगी बहुआयामी सेवाएं
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि यह शिविर मंडलीय स्तर का है, जिसमें विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मौजूद रहेगी।
शिविर में निम्न सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी –
- सभी प्रकार के पशु रोगों की जांच एवं निःशुल्क दवा वितरण
- संक्रामक रोगों के विरुद्ध व्यापक टीकाकरण अभियान
- कृमिनाशक दवापान
- पशु प्रजनन संबंधी परामर्श एवं कृत्रिम गर्भाधान
- चयनित मामलों में लघु शल्य चिकित्सा -सर्जरी
- दुग्ध उत्पादन बढ़ाने संबंधी वैज्ञानिक सलाह
- संतुलित आहार एवं पोषण प्रबंधन की जानकारी
- पशुधन बीमा योजनाओं के बारे में मार्गदर्शन
- पशुपालकों की आय दोगुनी करने हेतु विभागीय योजनाओं की जानकारी
- उन्होंने बताया कि शिविर में सभी उपचार, दवाएं एवं कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं पूर्णत- निःशुल्क रहेंगी।
एक ही स्थान पर कई विभागों की जानकारी
इस वृहद शिविर की विशेषता यह है कि पशुपालन विभाग के साथ-साथ अन्य विभाग भी अपने स्टॉल लगाएंगे। इनमें कृषि, उद्यान, मत्स्य, समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य महत्वपूर्ण विभाग शामिल रहेंगे।
इन विभागों के माध्यम से किसानों एवं पशुपालकों को सरकारी योजनाओं, अनुदान, बीमा, ऋण, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं अन्य लाभकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीणों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पंडालों की सुदृढ़ व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, पशुओं के बांधने हेतु स्थान, छायादार क्षेत्र, भीड़ नियंत्रण, पंजीकरण व्यवस्था तथा सुरक्षा प्रबंधों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रभा कटियार को समस्त व्यवस्थाओं का समन्वय सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही सभी पशु चिकित्साधिकारियों एवं फार्मासिस्टों को समय से पूर्व उपस्थित होकर अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक (पशु) डॉ. हौसला प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिवाकर त्रिपाठी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रभा कटियार, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुमित बंसल, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. पुनीत गुप्ता, डॉ. मनोज बघेल, डॉ. प्रदीप शर्मा, डॉ. नदीम, डॉ. राजेश सिंह जिरौली, फार्मासिस्ट धर्मेंद्र सिंह, कांति प्रसाद, लक्ष्मण, मनु तिवारी एवं पशुधन प्रसार अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे शिविर को जनपद का आदर्श आयोजन बनाने के लिए पूर्ण समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि अधिकतम संख्या में पशुपालक लाभान्वित हो सकें और क्षेत्र में पशुधन स्वास्थ्य एवं उत्पादन को नई दिशा मिल सके।
रिपोर्ट – संजय भारद्वाज