इगलास/अलीगढ़ |जिला नजर | संजय भारद्वाज
उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ ‘जीरो पॉवर्टी अभियान’ को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इस अभियान के तहत गरीब परिवारों की पहचान कर उन्हें आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है, ताकि उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए ग्राम स्तर पर सर्वे कर वास्तविक जरूरतमंदों को चिन्हित किया जा रहा है। आवास योजनाओं के माध्यम से पक्के घर, स्वास्थ्य योजनाओं के जरिए उपचार की सुविधा, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा युवाओं को कौशल विकास एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
मनरेगा में बदलाव, G RAM G Act लागू
विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के ढांचे में व्यापक परिवर्तन करते हुए ‘G RAM G Act’ (Gramin Rozgar Adhar va Mahila Gram-Uday) को लागू किया है। बताया जा रहा है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को अधिक प्रभावी और परिणामकारी बनाना है।
इस अधिनियम के तहत ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और गांवों में स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश इस व्यवस्था को जमीन पर लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी और प्रभावी ढंग से किया गया, तो यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान कर सकती है।





