महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में जल जीवन मिशन के तहत जैतपुर ब्लॉक के नगाराडांग गांव में 65 लाख रुपये की लागत से बनी ओवरहेड पानी की टंकी टेस्टिंग के महज 24 घंटे बाद दरक गई। 13 फरवरी को भरी गई टंकी 14 फरवरी शाम को फट गई, जिससे हजारों लीटर पानी झरने की तरह बहकर बर्बाद हो गया। इस घटना ने निर्माण गुणवत्ता और संभावित भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने X पर तंज कसते हुए इसे ‘कमीशन-मिशन’ बताया और कहा कि भाजपा के जाने के बाद ही पानी मिलेगा। भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने भी दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। एडीएम ने खामी दुरुस्त करने का आश्वासन दिया है।

ग्राम प्रधान गायत्री ने DM गजल भारद्वाज और एडीएम नमामि गंगे मोइनुल इस्लाम को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में ठेकेदार पर घटिया सामग्री (सीमेंट, सरिया) इस्तेमाल करने और मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के 30 दिनों में हर घर जल पहुंचाने के निर्देश के बाद जल्दबाजी में काम हुआ, जिसका नतीजा यह है।

सियासी बवाल बढ़ता जा रहा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने X पर पोस्ट कर तीखा हमला बोला: “महोबा में भाजपा के भ्रष्टाचार के बोझ को पानी की टंकी नहीं उठा पाई। यहां बुलडोजर नहीं चलेगा क्योंकि भ्रष्टाचार की पाइपलाइन महोबा से लखनऊ तक बिछी है। यह ‘जल मिशन’ नहीं, ‘कमीशन-मिशन’ है। भाजपा जाए तो पानी मिल पाएगा!” उनका यह पोस्ट हजारों लाइक्स और शेयर हो चुका है।

भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत (चरखारी) ने भी घटना पर दुख जताया और कहा कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी ही सरकार में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी इसे ‘डबल इंजन भ्रष्टाचार’ का उदाहरण बताया।

प्रशासन की ओर से एडीएम मोइनुल इस्लाम ने कहा कि मौके पर टीम भेजी गई है और तकनीकी खामियां जल्द दुरुस्त की जाएंगी। हालांकि, ग्रामीण और विपक्ष इसे सरकारी धन के दुरुपयोग का खुला मामला मान रहे हैं। यह घटना जल जीवन मिशन की अन्य परियोजनाओं पर भी जांच की मांग को बल दे रही है।

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