ग्राम प्रधान की सूझबूझ और वन विभाग की तत्परता से बची नन्हे की जान
फतेहाबाद/आगरा: धनौरा कलां गांव की गौशाला के पास शुक्रवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब ग्रामीणों ने एक तेंदुए के शावक को घूमते हुए देखा। ग्राम प्रधान बहादुर सिंह और गौशाला कर्मियों ने शावक को देखा तो तुरंत सतर्क हो गए।
इसकी उम्र करीब 10 से 15 दिन बताई जा रही है।
ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों की मदद से शावक को कुत्तों के हमले से बचाया और सुरक्षित गौशाला कार्यालय में बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी विशाल सिंह राठौर और निबोहरा इंस्पेक्टर जयनारायण सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के बाद राठौर ने पुष्टि की कि यह तेंदुए का शावक है। उन्होंने बताया कि शावक को सुरक्षित आगरा भेजा जाएगा, जहां उसकी देखभाल और उपचार किया जाएगा।
इस दौरान वन विभाग की टीम ने मासूम शावक को बच्चों वाली शीशी से दूध पिलाया और उसका टेंपरेचर भी चेक किया। अधिकारियों ने बताया कि शावक की हालत फिलहाल सामान्य है और उसे सुरक्षित रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कहीं वन्यजीव दिखाई दें तो तुरंत सूचना दें और स्वयं कोई कदम न उठाएं। विभाग का कहना है कि शावक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उसे जल्द ही सुरक्षित स्थान पर भेजा जाएगा। वहीं वर्ड लाइफ की टीम मौके पर पहुंची।
रिपोर्ट – सुशील गुप्ता