आगरा । यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा), आगरा ने नगर क्षेत्र की परिषदीय शिक्षकों की हाल ही में जारी वरिष्ठता सूची पर गंभीर आपत्ति जताई है। यूटा आगरा के जिला अध्यक्ष के.के. शर्मा एवं जिला महामंत्री राजीव वर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि यह वरिष्ठता सूची नियमों, शासनादेशों एवं वरिष्ठता के स्थापित सिद्धांतों के विरुद्ध तैयार की गई है, जिससे सैकड़ों शिक्षकों के अधिकारों का हनन हुआ है। यूटा जिला महामंत्री राजीव वर्मा ने बताया कि_
अन्य जनपदों से अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के माध्यम से नगर क्षेत्र आगरा में आए शिक्षकों को उनके मूल जनपद की नियुक्ति तिथि के आधार पर वरिष्ठ दिखाया गया है, जबकि स्पष्ट नियम है कि नगर क्षेत्र में पूर्व से कार्यरत शिक्षकों के नीचे उनकी वरिष्ठता निर्धारित की जानी चाहिए।
वर्ष 2011 में देहात क्षेत्र से नगर क्षेत्र में स्थानांतरित होकर आए शिक्षकों को भी मूल नियुक्ति तिथि के आधार पर वरिष्ठता दे दी गई है, जबकि नगर क्षेत्र में उनकी वरिष्ठता प्रथम ज्वाइनिंग तिथि से तय होनी चाहिए।
देहात क्षेत्र के 26 विद्यालयों के नगर क्षेत्र में समायोजन के बाद भी वहां कार्यरत शिक्षकों की वरिष्ठता ग्रामीण क्षेत्र की ही मानी गई है, जो नियम विरुद्ध है।
मृतक आश्रित शिक्षकों के प्रकरणों में भी गंभीर असमानता सामने आई है। जिन शिक्षकों को 5 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद शासनादेश के अनुसार बीटीसी प्रशिक्षण से मुक्त किया गया, उनकी वरिष्ठता प्रशिक्षण मुक्ति की तिथि से तय की जानी चाहिए थी, लेकिन कुछ शिक्षकों को नियम विरुद्ध तरीके से प्रारंभिक नियुक्ति तिथि के आधार पर वरिष्ठ दर्शाया गया है, जो पूर्णतः अन्यायपूर्ण है। यूटा आगरा का कहना है कि इन सभी गंभीर त्रुटियों के कारण वरिष्ठ–कनिष्ठ क्रम पूरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे पदोन्नति एवं अन्य सेवा लाभों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
यूटा आगरा जिला अध्यक्ष के.के. शर्मा एवं जिला महामंत्री राजीव वर्मा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि नगर क्षेत्र की वरिष्ठता सूची का तत्काल पुनः परीक्षण कर पूर्ण पारदर्शिता के साथ संशोधन किया जाए तथा वरिष्ठ–कनिष्ठ क्रम का निर्धारण पूरी तरह नियमसंगत एवं न्यायोचित ढंग से किया जाए साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो यूटा आगरा इस मामले को उच्च अधिकारियों एवं शासन स्तर तक ले जाने को बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विभाग की होगी।
- रिपोर्ट – मुहम्मद इस्माइल





