नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को चीन और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर शुरू हुई चर्चा देखते ही देखते बड़े सियासी हंगामे में बदल गई। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इस संवेदनशील विषय पर बोलने की अनुमति नहीं मिलने से विपक्ष भड़क उठा और सदन में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। हालात इतने बिगड़े कि कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः छह कांग्रेस सांसदों को मौजूदा बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
बोलने की अनुमति को लेकर आमने-सामने आए सत्ता पक्ष और विपक्ष
दोपहर करीब दो बजे राहुल गांधी ने एक बार फिर चीन सीमा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को उठाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख के बयान के हवाले से गंभीर सवाल खड़े किए हैं, इसलिए उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए। राहुल गांधी ने पीठासीन अधिकारी से सवाल किया कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने से क्यों रोका जा रहा है।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी सदन की निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इसी बात को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस तेज हो गई।
वेल में पहुंचे सांसद, कागज उछालने का आरोप
बहस के दौरान माहौल और तनावपूर्ण हो गया, जब कांग्रेस के कई सांसद वेल में पहुंच गए। पीठासीन अध्यक्ष की ओर कागज उछालने के आरोप भी लगे, जिसे सदन की मर्यादा का उल्लंघन बताया गया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही पहले तीन बजे तक स्थगित करनी पड़ी। हालांकि दोबारा बैठक शुरू होने पर भी शोर-शराबा थमा नहीं।
छह कांग्रेस सांसद पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित
लगातार बाधा और हंगामे को देखते हुए संसदीय कार्य मंत्री ने छह कांग्रेस सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव सदन में रखा, जिसे बहुमत से पारित कर दिया गया। निलंबित सांसदों में गुरजीत ओजला, राजा बडिंग, किरण रेड्डी और वेंकट रमण समेत कुल छह सदस्य शामिल हैं। यह निलंबन पूरे बजट सत्र के लिए प्रभावी रहेगा।
संसद परिसर के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन
निलंबन के फैसले के विरोध में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने अन्य कांग्रेस सांसदों के साथ संसद परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा से बच रही है और विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर नियमों का उल्लंघन कर संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है।
फिर उठा संसदीय आचरण पर सवाल
लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही अंततः अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई। दिनभर की घटनाओं ने एक बार फिर संसदीय मर्यादा, विपक्ष की भूमिका और राजनीतिक टकराव को लेकर नई बहस छेड़ दी है।





