आगरा। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव में मतदान के लिए शनिवार को दीवानी कचहरी परिसर पहुंचे समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन को क्षत्रिय समाज के अधिवक्ताओं के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध इतना अचानक और उग्र था कि पूरे सिविल कोर्ट परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने सांसद सुमन को सुरक्षा घेरे में लेकर कचहरी परिसर से बाहर निकाला।
दरअसल, सांसद रामजीलाल सुमन अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत हैं। इसी आधार पर वे उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव में मतदान करने शनिवार को दीवानी कचहरी पहुंचे थे। बार काउंसिल चुनाव की प्रक्रिया का यह अंतिम और दूसरा दिन था। सुमन के कचहरी पहुंचने की जानकारी जैसे ही क्षत्रिय समाज से जुड़े कुछ अधिवक्ताओं को मिली, वे वहां एकत्रित हो गए।
बताया गया कि जैसे ही सांसद सुमन मतदान कर बाहर निकले, महाराणा प्रताप बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ऋषिकांत सिंह चौहान एडवोकेट के नेतृत्व में युवा अधिवक्ताओं के एक समूह ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अधिवक्ताओं ने रामजीलाल सुमन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए तीव्र विरोध दर्ज कराया। यह विरोध संसद में दिए गए उनके राणा सांगा से संबंधित कथित विवादित बयान को लेकर था।
यकायक हुए इस विरोध से दीवानी कचहरी परिसर में खलबली मच गई। सांसद सुमन के चारों ओर स्थिति तनावपूर्ण होती देख वहां तैनात पुलिसकर्मी और सिविल कोर्ट के सुरक्षाकर्मी तुरंत सक्रिय हुए और उन्हें अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया। इसके बावजूद अधिवक्ताओं का समूह लगातार नारेबाजी करता रहा। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सांसद सुमन को सुरक्षित रूप से सिविल कोर्ट परिसर से बाहर निकाल दिया।
इस पूरे घटनाक्रम से कचहरी में मौजूद न्यायिक अधिकारी भी चौंक गए। बाद में जानकारी करने पर बताया गया कि यह विरोध सांसद सुमन द्वारा संसद में राणा सांगा को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान के कारण हो रहा है।





