आगरा। पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था की पोल खोलती एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। धौलपुर निवासी गौरव, जो हैदराबाद जाने के लिए अटल चौक (थाना सदर क्षेत्र) से लापता हुआ था, तीन महीने से अब तक बरामद नहीं हो सका है। परिजनों का आरोप है कि गौरव का अपहरण हुआ है और उसकी हत्या की आशंका है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि थाना सदर पुलिस और सुल्तानपुरा पुलिस चौकी के पुलिसकर्मी तीन महीने तक पीड़ित परिजनों को टहलाते रहे। पुलिस कमिश्नरेट आगरा के वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों के बावजूद थाना सदर थानेदार ने मुकदमा दर्ज करने में घोर लापरवाही बरती। आखिरकार तीन महीने बाद पुलिस कमिश्नर के हस्तक्षेप पर अपहरण का मुकदमा दर्ज हो सका।
लापरवाह पुलिसिया रवैये पर अब सवाल उठने लगे हैं—क्या पुलिस-थानेदार अपराधियों को बचा रहे हैं? परिजनों का साफ आरोप है कि अगर शुरू से पुलिस ने गंभीरता दिखाई होती तो गौरव का पता अब तक लग चुका होता। लगातार चक्कर काट रहे परिजनों का कहना है कि न्याय की उम्मीद में उन्हें अब पुलिस कमिश्नर के दरवाजे तक जाना पड़ा।
तीन महीने बाद दर्ज हुई रिपोर्ट ने पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। परिजन अब हत्या की आशंका जता रहे हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं।























