🔹होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट से तेल सप्लाई प्रभावित, IEA ने दिए सख्त सुझाव
नई दिल्ली। दुनिया एक बार फिर बड़े संकट की ओर बढ़ती नजर आ रही है। इस बार खतरा किसी महामारी का नहीं, बल्कि ‘एनर्जी लॉकडाउन’ का है। ईरान से जुड़े युद्ध के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव बढ़ गया है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। यह वही अहम समुद्री मार्ग है, जहां से करीब 20% वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति होती है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। कई देशों में तेल की कमी के चलते राशनिंग तक शुरू कर दी गई है। भारत के लिए यह संकट और भी बड़ा है, क्योंकि देश का लगभग 80% तेल आयात इसी मार्ग से होता है।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने हालात को देखते हुए ‘एनर्जी लॉकडाउन’ जैसे कदम उठाने की सलाह दी है। इसमें वर्क फ्रॉम होम, ऑड-ईवन ट्रैफिक सिस्टम, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल और इलेक्ट्रिक उपकरणों को अपनाने जैसे उपाय शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो इसका असर आम जनता की जेब से लेकर देश की अर्थव्यवस्था तक साफ दिखाई देगा। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस संकट पर टिकी हैं।























