1 लाख के इनामी अपराधी ने सरेंडर की बजाय चलाई गोलियां, पुलिस की जवाबी फायरिंग में मौत – शहर में दहशत का अंत?
वाराणसी। काशी की पावन धरती पर आज अपराध की एक काली साजिश का अंत हो गया! उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या के मास्टरमाइंड और 1 लाख रुपये के इनामी अपराधी बनारसी यादव को एनकाउंटर में मार गिराया। 50 करोड़ की कीमती जमीन के लालच में यादव ने गाजीपुर के शूटर्स को सुपारी देकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। तलाशी अभियान के दौरान हुई मुठभेड़ में यादव ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में STF की टीम ने उसे ढेर कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बनारसी यादव लंबे समय से फरार चल रहा था। STF को गुप्त सूचना मिली कि वह वाराणसी के बाहरी इलाके में छिपा हुआ है। टीम ने घेराबंदी की, लेकिन यादव ने सरेंडर करने की बजाय हथियार उठा लिया। पुलिस अधिकारियों ने उसे कई बार आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में यादव मौके पर ही मारा गया। इस एनकाउंटर में STF के किसी जवान को कोई चोट नहीं आई, लेकिन शहर में अपराध की जड़ें हिल गई हैं।
महेंद्र गौतम की हत्या पिछले महीने हुई थी, जब गाजीपुर से आए शूटर्स ने उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया। जांच में पता चला कि यह सब 50 करोड़ की जमीन हथियाने की साजिश थी, जिसमें बनारसी यादव मुख्य सरगना था।
यादव का अपराधी इतिहास लंबा रहा है – हत्या, फिरौती और जमीन कब्जे के कई मामले उसके नाम दर्ज थे। STF के इस ऑपरेशन से अपराध जगत में हड़कंप मच गया है।
पुलिस अब यादव के साथियों की तलाश में जुट गई है। क्या यह एनकाउंटर अपराध मुक्त वाराणसी की शुरुआत है? जांच जारी है।





