इंदौर/मप्र। ‘स्वच्छ सर्वेक्षण’ में नंबर-1 शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन मौतों का सिलसिला जारी है। रविवार सुबह सेवानिवृत्त शिक्षक और कांग्रेस वार्ड अध्यक्ष राजाराम बौरासी (75) की मौत के साथ आंकड़ा 28 पहुंच गया।
परिजनों ने बताया कि 3 जनवरी से उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती किया गया, फिर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शिफ्ट किया गया, जहां इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मौत ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी से हुई, डायरिया से नहीं। लेकिन कांग्रेस और स्थानीय लोग दूषित पानी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
भागीरथपुरा में अब तक डेढ़ हजार से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं। महिलाओं में मौतें अधिक हैं। वर्तमान में 8 मरीज आईसीयू में हैं, जिनमें 3 की हालत गंभीर है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा, “एक महीने में 28 मौतें, लेकिन जिम्मेदार अफसरों पर आपराधिक केस तक नहीं दर्ज। यह लापरवाही की हद है।”
मामले की जांच के लिए हाई-पावर कमेटी बनाई गई है। मेडिकल कॉलेज की ऑडिट रिपोर्ट में कई मौतों को दूषित पानी से जुड़ा बताया गया, लेकिन प्रशासन मौतों को ‘अन्य कारणों’ से जोड़ रहा है। इलाके में पाइपलाइन लीकेज और सीवर मिक्सिंग की समस्या पुरानी है, जिस पर पहले चेतावनी मिल चुकी थी।
- रिपोर्ट – मुहम्मद इसरार खान

