आगरा। विकासखंड बाह के पुरा जसोल गाँव में 22 अगस्त की रात किचन में रखे सिलेंडर से गैस रिसाब होने से लगी आग से झुलसे चचेरे भाई को बचाते हुए।
झुलसे शिक्षामित्र देवेन्द्र प्रकाश 43 वर्ष का राजधानी दिल्ली स्थिति सफदर जंग हॉस्पिटल में उपचार के दौरान बुधवार 27 अगस्त देर शाम दम तोड़ दिया।
परिवार में हुई तीसरी मौत से पूरे गाँव में मातम पसरा हुआ है। सिलेंडर में हुए गैस रिसाब को रोकने रसोई में गए भाई जितेन्द्र को आग की लपटों ने घेर लिया चीख पुकार सुनकर बचाने गए परिवार व पड़ोस के 13 अन्य लोग भी बुरी तरह से झुलस गए थे।
दिल्ली सफदर जंग हॉस्पिटल में उपचार के दौरान भाई जितेंद्र 44 साल ,की मृत्यु 24 अगस्त तरह चाची केशर देवी 62 वर्ष की मृत्यु कल 27 अगस्त की सुबह को हो चुकी है जबकि भतीजी कुमकुम 16 साल व चाचा भागीरथ 65 वर्ष की मृत्यु आज सुबह हो चुकी है बहिन प्रीति जो कि शिक्षिका हैं जिंदगी मौत से जूझ रही है परिवार में अबतक 6 लोगों की मृत्यु हो चुकी है जबकि बचाव में झुलसे अन्य लोगों की भी स्थिति खराब है।
देवेन्द्र प्रकाश 2005 में प्राथमिक विद्यालय एमनपुरा बाह में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत हुए थे 2014 में शिक्षक पद पर समायोजन विकासखंड संया में हुआ था 2017 में सुप्रीम कोर्ट से समायोजन निरस्त होने के बाद मूल विद्यालय एमनपुरा बापिस लौटकर वहीं पर शिक्षण कार्य कर रहे थे । मृतक देवेन्द्र अपने पीछे पत्नी ममता देवी पुत्र अंकित 14 साल अंशु 12 तथा बेटी दीक्षा की उम्र अभी 10 वर्ष को छोड़ गए हैं पति की मृत्यु के बाद पत्नी ममता का रो रोकर बुरा हाल है।
घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह छौंकर ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार से माँग की है कि सभी घायलों का उपचार तथा मृतक शिक्षामित्र देवेन्द्र प्रकाश के परिवार की आर्थिक सहायता की जाए जिससे परिवार का गुजारा हो सके।
जिला संरक्षक शिशुपाल सिंह चाहर, हरिशंकर शर्मा, मुकेश भदौरिया, जसवंत, अतर सिंह, रामनिवास चाहर, ब्रजकिशोर राठौर, तेजवीर सिंह, राजेश गिरी, भूरी सिंह, गोविंद शर्मा, अनुपम कटारा, लक्ष्मी पांडे, शिवबाबा, राजकुमारी, मंजू यादव, सरोज, मनीषा यादव, गीता मिश्रा, कल्पना शर्मा आदि ने शोक व्यक्त किया है।