आगरा। शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाला एक मामला डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (डीबीआरएयू) से सामने आया है। विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर गौतम जायसवाल पर एक शोध छात्रा ने अश्लील बातचीत और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा ने पुलिस को बातचीत का ऑडियो सबूत भी सौंपा है, जिसमें प्रोफेसर की आवाज होने की प्रारंभिक पुष्टि जांच में सामने आई है। इस घटना ने गुरु-शिष्य संबंध की गरिमा को झकझोर कर रख दिया है।

मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में रोष और हैरानी का माहौल है। आरोप है कि प्रोफेसर छात्रा को बार-बार फोन कर अशोभनीय बातें करते थे और निजी जीवन से जुड़े अनुचित सवाल पूछते थे। छात्रा ने बताया कि उसने शुरुआत में चुप्पी साधी, लेकिन जब बातें हद से आगे बढ़ गईं, तो उसने न्यू आगरा थाने में लिखित शिकायत दी।

छात्रा द्वारा सौंपे गए ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि आवाज की पुष्टि की जा सके। सूत्रों के मुताबिक, शाम तक प्रोफेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है और गिरफ्तारी की कार्रवाई भी संभव है।

उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है। कुलपति कार्यालय ने रसायन विज्ञान विभाग से पूरी रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन का कहना है कि यदि आरोप सही पाए गए, तो संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह पहली बार नहीं है जब डीबीआरएयू के किसी शिक्षक पर इस तरह के आरोप लगे हों। डेढ़ साल पहले समाज विज्ञान संस्थान के एक प्रोफेसर पर भी छात्रा ने उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, लेकिन उस मामले में ठोस कार्रवाई न होने से विश्वविद्यालय की साख पहले ही सवालों में रही है।

शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि “ऐसे कृत्य गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते पर धब्बा हैं। विश्वविद्यालय को चाहिए कि इस बार सख्त कदम उठाए ताकि यह संदेश जाए कि शैक्षणिक संस्थानों में चरित्रहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

यह मामला न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए परीक्षा की घड़ी है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए यह चेतावनी भी कि शिक्षा के मंदिरों में शुचिता की रक्षा अब सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी बन चुकी है।

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