🔴 फर्जी रिपोर्टों से मरीजों की सेहत से खिलवाड़!
📌 मानवाधिकार आयोग ने CMO को किया तलब, जारी हुआ सशर्त समन
अलीगढ़ | विशेष रिपोर्ट |जिला नजर।
अलीगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इंडियन ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस कमीशन ने जिले में कथित रूप से फर्जी पैथोलॉजी रिपोर्ट जारी करने और बिना वैध योग्यता के लैब संचालन के गंभीर मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), अलीगढ़ को सशर्त समन जारी किया है।
बिना डिग्री चला रहा था लैब?
आयोग के समक्ष प्रस्तुत शिकायत के अनुसार, मनोज कुमार शर्मा नामक व्यक्ति पर आरोप है कि वह
• बिना आवश्यक शैक्षणिक योग्यता
• बिना वैध पंजीकरण
• अवैध रूप से पैथोलॉजी लैब का संचालन कर रहा है

इतना ही नहीं, आरोप है कि वह फर्जी मेडिकल रिपोर्ट जारी कर जनता को गुमराह कर रहा है और शिकायतकर्ता को रिश्वत के जरिए समझौता करने का दबाव भी बनाया गया।
पुलिस-प्रशासन को दिए गए थे जांच के आदेश
• आयोग ने पहले ही
• CMO अलीगढ़
• वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अलीगढ़
को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। पुलिस स्तर से रिपोर्ट आ भी गई, जिसमें शिकायत में बताई गई लैब का पता इगलास रोड, अलीगढ़ बताया गया।
❗ CMO की चुप्पी बनी सवाल
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि CMO अलीगढ़ द्वारा आयोग को आज तक कोई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई, जिसे आयोग ने आदेशों की अवहेलना माना है।
मानवाधिकार आयोग सख्त
आयोग ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 13(1) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए CMO अलीगढ़ को निर्देश दिया है कि—
📅 10 फरवरी 2026 तक
🕚 सुबह 11 बजे
📍 आयोग के समक्ष उपस्थित होकर जांच रिपोर्ट 27 मार्च 2025 के आदेश के अनुपालन का प्रमाण
प्रस्तुत करें। यदि समय से रिपोर्ट भेज दी जाती है, तो व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक नहीं होगी।
सवालों के घेरे में स्वास्थ्य विभाग
यह मामला केवल एक फर्जी लैब तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि
🔹 क्या स्वास्थ्य विभाग की नज़र में अलीगढ़ में अवैध लैबों का जाल फल-फूल रहा है?
क्या आम जनता की सेहत के साथ खुला खिलवाड़ हो रहा है?
आगे क्या?
🔹अब सबकी निगाहें CMO अलीगढ़ पर टिकी हैं—
🔹क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी?
🔹या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?
रिपोर्ट- संजय भारद्वाज
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