बस्ती। नगर पंचायत कप्तानगंज के अध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी ई. चन्द्रशेखर वर्मा और जिला पंचायत सदस्य शिवशंकर चौधरी उर्फ शाका के संयोजन में कप्तानगंज चौराहे के निकट पिकौरासानी में यूजीसी के नये नियमो के समर्थन मंें विचार गोष्ठी और रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कुल 67 लोगों ने दूसरों का जीवन बचाने के लिये अपना रक्त दिया।
विचार गोष्ठी के मुख्य अतिथि पूर्व आई.पी.एस. डा. वी.पी. अशोक ने कहा कि नया यूजीसी एक्ट ओबीसी, एससी-एसटी, महिला एवं ईडब्ल्यूएस वर्ग सहित समाज के सभी वर्गों के हित में है। यह अधिनियम शिक्षा में समान अवसर, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सहायक है। यूजीसी अधिनियम को बिना किसी संशोधन के पूरी तरह लागू किया जाए, ताकि सभी वर्गों को इसका समुचित लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि कबीर मठ अयोध्या के महन्थ उमाशंकर दास, सरदार सेना के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य चौधरी बृृजेश पटेल, विवेक ब्रम्हचारी ने कहा कि आयोग की नीतियां सामाजिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये संविधान में निहित समानता और शिक्षा के अधिकार को सशक्त करती हैं, साथ ही राष्ट्र निर्माण में शिक्षित युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करती हैं। इसके तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार अवसर मिलते हैं। यूजीसी के नए नियम उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में कारगर होगा, उसे लागू किया जाय। विचार गोष्ठी को क्योर मल्टी स्पेशलिस्ट हासिपटल के चेयरमैन डा. राजेश पटेल, सरदार सेना जिलाध्यक्ष विनय चौधरी, समाजसेवी अरविन्द आर्या, चन्द्रगुप्त मौर्य, संदीप निषाद आदि ने सम्बोधित किया। कहा कि यूजीसी भारत सरकार द्वारा स्थापित एक वैधानिक संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, समान अवसर, पारदर्शिता और शैक्षणिक मानकों को बनाए रखना है। यूजीसी द्वारा निर्धारित नीतियां और दिशा-निर्देश समाज के सभी वर्गों के छात्रों को लाभ पहुंचाने का कार्य करते हैं। ऐसे में नये नियम बहु उपयोगी है।
नगर पंचायत कप्तानगंज के अध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी ई. चन्द्रशेखर वर्मा और जिला पंचायत सदस्य शिवशंकर चौधरी उर्फ शाका, ने आगन्तुकों का स्वागत करते हुये कहा कि यूजीसी के नये नियमों को प्रभावी ंढंग से लागू किया जाय जिससे भेदभाव दूर हो।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि कबीर मठ अयोध्या के महन्थ उमाशंकर दास, सरदार सेना के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य चौधरी बृृजेश पटेल, विवेक ब्रम्हचारी ने कहा कि आयोग की नीतियां सामाजिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये संविधान में निहित समानता और शिक्षा के अधिकार को सशक्त करती हैं, साथ ही राष्ट्र निर्माण में शिक्षित युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करती हैं। इसके तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार अवसर मिलते हैं। यूजीसी के नए नियम उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में कारगर होगा, उसे लागू किया जाय। विचार गोष्ठी को क्योर मल्टी स्पेशलिस्ट हासिपटल के चेयरमैन डा. राजेश पटेल, सरदार सेना जिलाध्यक्ष विनय चौधरी, समाजसेवी अरविन्द आर्या, चन्द्रगुप्त मौर्य, संदीप निषाद आदि ने सम्बोधित किया। कहा कि यूजीसी भारत सरकार द्वारा स्थापित एक वैधानिक संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, समान अवसर, पारदर्शिता और शैक्षणिक मानकों को बनाए रखना है। यूजीसी द्वारा निर्धारित नीतियां और दिशा-निर्देश समाज के सभी वर्गों के छात्रों को लाभ पहुंचाने का कार्य करते हैं। ऐसे में नये नियम बहु उपयोगी है।
नगर पंचायत कप्तानगंज के अध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी ई. चन्द्रशेखर वर्मा और जिला पंचायत सदस्य शिवशंकर चौधरी उर्फ शाका, ने आगन्तुकों का स्वागत करते हुये कहा कि यूजीसी के नये नियमों को प्रभावी ंढंग से लागू किया जाय जिससे भेदभाव दूर हो।
इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला पंचायत सदस्य राजेश पटेल, बसन्त चौधरी, दिनेश पटेल, पिन्टू चौधरी, सुभाष चौधरी, अखिलेश चौधरी, विजय चौधरी, प्रधान संघ कप्तानगंज के अध्यक्ष मनीष चौधरी, रामस्वारथ चौधरी, प्रदीप गौतम, संजय मौर्य, संदीप निषाद, कृष्णा आजाद, शिवम आजाद, रामपूरन चौधरी, विजय चौधरी, अनिल, इबरार अहमद, अभय पटेल, हरिश्चन्द्र शर्मा, अभिषेक चौधरी, आकाश पटेल, अनिल प्रजापति, कृष्ण मुरारी, अखिलेश सोनी, डी.के.वर्मा, धनन्जय, शनि सूर्यबंशी आदि उपस्थित रहे।





