आगरा: सत्यकाम एजुकेशनल ट्रस्ट से जुड़े कथित फर्जीवाड़े, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र के आरोपों में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टी एवं सचिव अनुज शर्मा की तहरीर पर उप निबंधक सदर प्रथम, आगरा नीतू गोला सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू हो गई है, लेकिन यह विवाद ट्रस्ट के अंदरूनी झगड़े का नतीजा लगता है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। एक पक्ष अनुज शर्मा को फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड बता रहा है, जबकि अनुज शर्मा ने ट्रस्ट की संपत्ति हड़पने की साजिश का आरोप लगाया है।
ट्रस्ट का इतिहास और विवाद की शुरुआत
सत्यकाम एजुकेशनल ट्रस्ट का गठन 16 अक्टूबर 2010 को हुआ था, और इसका पंजीकरण मेरठ में कराया गया। ट्रस्ट के तहत एल-ब्लॉक, लोहिया नगर, मेरठ में सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल संचालित हो रहा है। 7 जून 2024 को एक फाउंडर ट्रस्टी के निधन के बाद ट्रस्ट में 2/3 कोरम पूरा नहीं रहा, जिससे महत्वपूर्ण निर्णय लेना मुश्किल हो गया।
शिकायत के अनुसार, कोरम अधूरा होने के बावजूद 10 जून 2024 को एक फर्जी प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसमें नए ट्रस्टियों की नियुक्ति और फर्जी हस्ताक्षर दिखाए गए। इसके बाद 16 जुलाई 2025 को अनुज शर्मा को ट्रस्ट से हटाने का नोटिस जारी किया गया, जिसे उन्होंने ट्रस्ट के नियमों के विरुद्ध बताया। 5 अगस्त 2025 को एक और प्रस्ताव में ट्रस्ट का पंजीकृत कार्यालय मेरठ से आगरा (शाहगंज) में बदल दिया गया और नए कोषाध्यक्ष की नियुक्ति की गई।
स्कूल परिसर में हंगामा और पूर्व मुकदमे
5 अगस्त 2025 को कुछ आरोपी 20-25 अज्ञात लोगों के साथ स्कूल पहुंचे और स्टाफ से अभद्रता की। इस घटना पर थाना लोहिया नगर, मेरठ में पहले से मुकदमा दर्ज है, जिसकी जांच जारी है। दूसरी ओर, ट्रस्ट के ट्रस्टी अमित कुमार शर्मा ने अनुज शर्मा पर 3 करोड़ रुपये से अधिक के गबन का आरोप लगाया है, जिसके चलते अनुज शर्मा को जनवरी 2026 में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। अमित शर्मा का कहना है कि अनुज शर्मा ट्रस्ट की संपत्ति पर कब्जा बनाए रखना चाहते हैं, जबकि अनुज शर्मा ने इसे साजिश बताया।
फर्जी ट्रस्ट डीड का पंजीकरण: मुख्य आरोप
सबसे बड़ा आरोप यह है कि 23 सितंबर 2025 को फर्जी ट्रस्ट डीड का पंजीकरण आगरा के उप निबंधक कार्यालय में कराया गया, जबकि ट्रस्ट की संपत्ति और कार्यालय मेरठ में है। अनुज शर्मा का दावा है कि यह क्षेत्राधिकार (जूरिस्डिक्शन) के विरुद्ध है, और उप निबंधक नीतू गोला की भूमिका संदिग्ध है। दूसरी ओर, अमित शर्मा पक्ष ने अनुज शर्मा पर फर्जी दस्तावेजों से गबन का आरोप लगाया है।
नामजद आरोपी और जांच का दायरा
मुकदमे में नामजद आरोपी इस प्रकार हैं:
| नाम | भूमिका/आरोप |
|---|---|
| नीतू गोला | उप निबंधक सदर प्रथम, आगरा – फर्जी पंजीकरण में संलिप्तता |
| गिरीश कुमार शर्मा | ट्रस्ट से जुड़े फर्जी प्रस्ताव |
| अमित कुमार शर्मा | फर्जी हस्ताक्षर और साजिश |
| दयानंद शर्मा | स्कूल हंगामे में शामिल |
| राहुल शर्मा | ट्रस्ट संपत्ति हड़पने की साजिश |
| गीता शर्मा | फर्जी दस्तावेज तैयार करने में |
| शिखा शर्मा | आपराधिक षड्यंत्र |
| राहुल अग्निहोत्री | सहयोगी भूमिका |
पुलिस जांच में ट्रस्ट मीटिंग के प्रस्ताव, हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक जांच, डीड की वैधता और पूर्व मुकदमों के साक्ष्य शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष होगी।
दोनों पक्षों के दावे: बैलेंस्ड व्यू
- अनुज शर्मा पक्ष: ट्रस्ट की संपत्ति हड़पने की साजिश, फर्जी डीड और हंगामा।
- अमित शर्मा पक्ष: अनुज शर्मा पर 3 करोड़ गबन, फर्जी दस्तावेजों से ट्रस्ट पर कब्जा। अमित शर्मा ने पूछा, “अनुज शर्मा किस अधिकार से स्कूल में बने रहना चाहते हैं?”





