प्रयागराज। माघ मेला 2026 के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की संभावना को देखते हुए मेला प्रशासन ने ऐतिहासिक स्तर की तैयारियां की हैं। शुक्रवार (16 जनवरी) तड़के से ही संगम नोज, अरैल, झूंसी और अन्य प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
एक अनुमान के मुताबिक शुक्रवार को 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान किया, जबकि देर शाम तक मेला क्षेत्र में 25 से 30 लाख लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई। इसमें बड़ी संख्या में कल्पवासी भी शामिल रहे।
प्रमुख तैयारियां और व्यवस्थाएं
- नया स्नान घाट: ‘काली पार्ट-दो’ का विस्तार किया गया।
- वैकल्पिक स्नान व्यवस्था: लखनऊ और अयोध्या की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नागवासुकि क्षेत्र में अलग से स्नान की व्यवस्था।
- भीड़ प्रबंधन: मेला क्षेत्र को 9 सर्किल में बांटा गया, 16 होल्डिंग एरिया बनाए गए।
- पार्किंग: लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था।
- अन्य सुविधाएं: एआई आधारित सर्विलांस, जल यातायात योजना, पांटून पुल, रेडियो संचार, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग और साइबर अपराध नियंत्रण को मजबूत किया गया।
यहां माघ मेले के मौनी अमावस्या स्नान की कुछ जीवंत तस्वीरें (संगम क्षेत्र और घाटों पर उमड़ी भीड़):
आज और कल में इजाफा संभावित
शनिवार और रविवार को अवकाश होने से भीड़ में और इजाफा होने की संभावना है। देश-विदेश से श्रद्धालु लगातार प्रयागराज पहुंच रहे हैं। मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि मुख्य स्नान पर्व पर 3 से साढ़े 3 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान है।
दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग
गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या ज्योतिष पीठम के निदेशक आचार्य विवेक उपाध्याय के अनुसार, इस बार मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग का अत्यंत दुर्लभ संयोग बन रहा है।
- अमावस्या तिथि: 17 जनवरी रात 11:53 बजे से शुरू होकर 18 जनवरी रात 1:09 बजे तक रहेगी।
- इस अवधि में किया गया स्नान, व्रत, ध्यान, जप और हवन विशेष पुण्य फल देने वाला माना जाता है।





