• गोविन्द पाराशर– संवाददाता आगरा
आगरा। एमएसएमई-विकास कार्यालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेले का बुधवार को समापन हो गया। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी, परिसर में लगाए गए इस मेले में दूसरे दिन भी लाभार्थियों में काफी उत्साह रहा और बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने प्रदर्शनी में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत में शुभांगी वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। दूसरे दिन भी तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा कारीगरों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। राम मणिचंद्र सिंह, विकास त्यागी, राहुल जैन और सहायक निदेशक जितेंद्र कुमार यादव ने लाभार्थियों की समस्याओं को सुना और उनका समाधान किया। आखिरी सत्र में लाभार्थियों के प्रयास को सम्मानित करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
इस अवसर पर पीपीडीसी के सहायक निदेशक अमित चोपड़ा, एमएसएमई के सहायक निदेशक अभिषेक सिंह, डी. आर. लांग, एस. के. पांडे, शैलेन्द्र प्रताप, नेहा यादव, राहुल कुमार, रविकांत यादव, अंशुल तिवारी, मो. इमरान, पंकज कुमार, ऋषभ सोनकर, दशरथ बघेल, लोकेश यादव, मनीष कुमार उपस्थित थे। संचालन श्री अवधेश कुमार सहायक निदेशक ने किया।
MSW विद्यार्थियों ने कुंआ खेड़ा में जगाई ‘मासिक धर्म स्वच्छता’ की अलख
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के छात्र-छात्राओं ने ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य और स्वच्छता का संदेश पहुँचाने के लिए एक सराहनीय पहल की। बुधवार को विश्वविद्यालय के ‘सामुदायिक कार्य’ पाठ्यक्रम के अंतर्गत कुंआ खेड़ा गांव स्थित एस.एच. पब्लिक स्कूल में ‘महिला मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं
स्वच्छता’ विषय पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
विद्यार्थियों ने गांव की महिलाओं, किशोरियों और आशा कार्यकर्ताओं को मासिक धर्म से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी दी। विद्यार्थियों ने सरल भाषा में समझाया कि यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और इस दौरान स्वच्छता न बरतना गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए छात्राओं को सैनिटरी पैड के सही उपयोग और उसके सुरक्षित निपटान का व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) भी दिया गया।
राजा लक्ष्मण सिंह वेलफेयर सोसाइटी की अपूर्वा सिंह जादौन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। सभी महिलाओं और छात्राओं को सैनिटरी पैड का निःशुल्क वितरण भी किया गया। अभियान को सफल बनाने में छात्र आकाश, ख्याति, नेहा, लक्ष्मी, प्रियांशी, आदित्य, आर्येन्द्र, मुकुल, प्रवेन्द्र और हरेन्द्र ने योगदान दिया।























