पिनाहट/आगरा।  उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में पिनाहट ब्लॉक क्षेत्र की विप्रावली गौशाला से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। इस 16 सेकंड के छोटे लेकिन चौंकाने वाले वीडियो में गौशाला के एक कमरे में कई मृत गायें पड़ी हुई दिखाई दे रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में पशुओं की देखभाल में भारी लापरवाही बरती जा रही है, जिससे गौवंश की जान जा रही है। वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ दिखावा है या वास्तविक कार्रवाई होगी?

वीडियो की सच्चाई: ग्रामीण की आंखों देखी हालत

एक स्थानीय ग्रामीण ने इस वीडियो को रिकॉर्ड किया, जिसमें गौशाला के अंदर की बदहाली साफ नजर आ रही है। वीडियो में दिखाया गया है कि कमरे में मृत गायें बिखरी पड़ी हैं, और आसपास की स्थिति इतनी खराब है कि पशुओं की मौत की वजह साफ तौर पर लापरवाही लगती है। ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में चारे, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की कमी है, जिससे पशु लगातार बीमार पड़ रहे हैं और मर रहे हैं। “हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब वीडियो वायरल होने पर ही अधिकारी जागे हैं,” एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।
यह घटना गौ संरक्षण के नाम पर चल रही सरकारी योजनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। उत्तर प्रदेश में गौशालाओं को करोड़ों रुपये का फंड मिलता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है। 

घटनाएं पहले भी सामने आई हैं, जैसे कि कासगंज में गौशाला के बाहर मृत गायों के शवों का वीडियो वायरल होना, या इटावा में कुत्तों द्वारा मृत गायों को नोचने का मामला। इन घटनाओं से साफ है कि गौ संरक्षण सिर्फ कागजी बातें बनकर रह गई हैं, जबकि पशुओं की दुर्दशा जारी है।

प्रशासन की जांच: कितनी गंभीर?

वीडियो वायरल होने के बाद आगरा प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश दिए। पिनाहट ब्लॉक के अधिकारियों ने गौशाला का दौरा किया और प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा। जिलाधिकारी ने कहा, “हम इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। अगर लापरवाही साबित हुई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।” हालांकि, स्थानीय लोग इसे महज औपचारिकता मान रहे हैं। अलीगढ़ की भमरोला गौशाला में भी इसी तरह का वीडियो वायरल हुआ था, जहां मृत गोवंश को पक्षी नोच रहे थे, लेकिन वहां भी ठोस सुधार नहीं दिखा।

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस वीडियो को शेयर करते हुए सरकार की आलोचना की है। एक पोस्ट में लिखा गया, “गौ माता की रक्षा के नाम पर वोट मांगते हैं, लेकिन गौशालाओं में मौत का तांडव चल रहा है”। अमरोहा में भी हाल ही में 7 गायों की मौत का मामला सामने आया, जहां मृत गायों के साथ जीवित गाय को भी दफना दिया गया।

गौ संरक्षण की हकीकत: क्या बदलाव की जरूरत?

यह घटना उत्तर प्रदेश में गौशालाओं की बदहाली की एक और मिसाल है। विशेषज्ञों का मानना है कि फंड की कमी नहीं, बल्कि निगरानी और जवाबदेही की कमी है। पशु अधिकार संगठनों ने मांग की है कि गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और नियमित ऑडिट हो। “गौवंश हमारे संस्कृति का हिस्सा हैं, उनकी दुर्दशा असहनीय है,” एक पशु अधिकार कार्यकर्ता ने कहा।

प्रशासन से अपील है कि इस जांच को जल्द पूरा कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं। अगर आप इस वीडियो को देख चुके हैं या कोई जानकारी है, तो हमें बताएं। गौ संरक्षण सिर्फ नारे नहीं, जिम्मेदारी है।

रिपोर्ट- नीरज परिहार

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