हरदोई: जिले के पाली थाना परिसर में 12 जनवरी 2026 को सुबह करीब 10:45 बजे एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जहां एक पति ने अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना न केवल एक हत्या है, बल्कि टूटते रिश्तों, अनियंत्रित गुस्से और पुलिस व्यवस्था की बड़ी लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है।
घटना का पृष्ठभूमि
रामापुर अटरिया गांव के निवासी अनूप कुमार (36 वर्ष) और उनकी पत्नी सोनी (33 वर्ष) की शादी को 17 साल हो चुके थे। दोनों गुड़गांव में काम करते थे, जहां सोनी का सुरजीत (शाहजहांपुर निवासी, 28 वर्ष) नामक व्यक्ति से प्रेम संबंध बन गया। जब अनूप को इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने सोनी को करीब एक महीने पहले गांव वापस ला दिया, उम्मीद में कि रिश्ता बच जाएगा। लेकिन संपर्क नहीं टूटा। 7 जनवरी 2026 को सोनी सुरजीत के साथ घर से भाग गईं, साथ में गहने और 35,000 रुपये नकद भी ले गईं।
अनूप ने 8 जनवरी को पाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें सोनी के अपहरण का आरोप लगाया गया। पुलिस ने खोजबीन की और 11 जनवरी को सोनी को बरामद कर थाने में रखा। यहां कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें अदालत में पेश करने की तैयारी थी। रात सोनी ने थाने में ही गुजारी, और अगले दिन मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल ले जाने की योजना थी।
घटना का विवरण
12 जनवरी की सुबह थाने में सोनी के रिश्तेदार,包括 मामा, और अनूप के परिवार वाले समझौते के लिए मौजूद थे। सोनी थाने के मेस में नाश्ता करने के बाद बाहर निकलीं। इसी दौरान अनूप थाने पहुंचे और कमर में छिपाए देसी तमंचे से सोनी पर गोली चला दी। गोली सोनी की दाहिनी कंधे से छाती को भेदते हुए निकली, जिससे वे खून से लथपथ होकर गिर पड़ीं। थाने में अफरा-तफरी मच गई। सोनी को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
अनूप को मौके पर ही पुलिस ने दबोच लिया और गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से हत्या में इस्तेमाल तमंचा बरामद हुआ। अनूप पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस की लापरवाही और कार्रवाई
यह घटना थाने के अंदर हुई, जहां सोनी पुलिस हिरासत में थीं। बड़ा सवाल यह है कि अनूप हथियार लेकर थाने में कैसे घुस गए? क्या पुलिस ने एंट्री पर चेकिंग नहीं की? हरदोई एसपी अशोक कुमार मीणा ने इसे गंभीर चूक बताते हुए जांच के आदेश दिए। जांच अधिकारी विक्रांत चौधरी और महिला कांस्टेबल संजना राजपूत को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जांच की जिम्मेदारी एएसपी (पश्चिम) मार्तंड प्रकाश सिंह को सौंपी गई है।
सामाजिक और भावनात्मक पहलू
यह घटना महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, खासकर पुलिस हिरासत में। सोनी और अनूप का 13 साल का बेटा अब मां को खो चुका है और पिता जेल में है। उसकी जिंदगी पर इस त्रासदी का क्या असर पड़ेगा? यह कहानी याद दिलाती है कि रिश्तों में संवाद की कमी और गुस्से का हावी होना कितना खतरनाक हो सकता है। साथ ही, सिस्टम की चूक से आम लोग कितनी बड़ी कीमत चुकाते हैं।





