फतेहाबाद/आगरा: तहसील फतेहाबाद में शनिवार को लेखपालों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों के समाधान के लिए एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर कार्य बहिष्कार किया गया।
धरने पर बैठे लेखपालों का कहना था कि बीते 9 वर्षों से उनकी मूल मांगें—प्रारंभिक वेतनमान उच्चीकरण, पदोन्नति के अवसरों में वृद्धि, एसीपी विसंगति निवारण, भत्तों में वृद्धि, शैक्षणिक योग्यता एवं पदनाम परिवर्तन, अंतर्मंडलीय स्थानांतरण, मृतक आश्रितों की पेंशन विसंगति समाधान, तथा राजस्व निरीक्षक व नायब तहसीलदार के अतिरिक्त पद सृजन—शासन एवं विभागीय सहमति के बावजूद अब तक लागू नहीं की गई हैं।लेखपालों ने स्टेशनरी भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह, वाहन/मोटरसाइकिल भत्ता स्वीकृत करने और विशेष वेतन भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग दोहराई।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के करीब 3000 लेखपाल अपने परिवारों से 500–1000 किलोमीटर दूर रहकर तनावपूर्ण परिस्थितियों में सेवा दे रहे हैं। शासनादेश 23 अगस्त 2018 के अनुसार अंतर्मंडलीय स्थानांतरण के लिए आवेदन तो ले लिए गए, परंतु स्थानांतरण सूची अब तक जारी नहीं हुई है।लेखपालों ने यह भी कहा कि शासन द्वारा 02 जुलाई 2025 और 03 सितंबर 2025 को दिए गए निर्देशों के बाद भी चयन वर्ष 2025–26 के लिए राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति हेतु डीपीसी अभी तक नहीं की गई है।
धरने में शामिल लेखपालों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए बाध्य होंगे। धरने में अनिल यादव,दिलीप कुमार, राधा कृष्ण,सूरजपाल सिंह दिनेश गोला, ध्यानेंद्र तोमर, अमित कुमार, तनु गुप्ता, मोहित और रविकुमार,सहित कई लेखपाल सक्रिय रूप से मौजूद रहे।
- रिपोर्ट – सुशील गुप्ता

