फतेहपुर सीकरी/आगरा। आमला एकादशी तिथि पर व्रत रखकर कथा श्रवण कर आमला के पेड़ की पूजा अर्चना कर मनौती मांगी। फाल्गुन मास में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि समूचे ब्रज क्षेत्र में रंग भरनी एकादशी के रूप में मनाई जाती है। गुलाल अबीर और चंदन की होली खेलकर पिचकारी से रंग डालकर रंग भरने एकादशी उत्सव मनाया जाता है।
हनुमान जी की बड़ी बगीचे में आचार्य राजेश भारद्वाज ने सभी महिला पुरुषों के एकादशी की कथा सुनाई। भगवान श्री हरि के श्री मुख से उत्पन्न आमला में औषधि गुण के अलावा एकादशी के दिन पूजन का विधान है।
आमले के पेड़ की पूजा अर्चना करके एकादशी व्रत करने वाली महिलाओं ने परिक्रमा कर सुख शांति एवं समृद्धि की मनोकामना मांगी। आचार्य जी ने बताया पूरे देश में जहां रंगगुलाल की होली खेली जाती है वही समूचे ब्रज क्षेत्र होरा मानता है। कहावत है जग में होरी ब्रज में होरा।
महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित
फतेहपुर सीकरी/आगरा । जय हिंद वंदे मातरम के साथ महान जांबाज क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर शुक्रवार को उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर कृतज्ञता प्रकट करते हुए नमन किया गया। अखंड भारत परशुराम सेना के कार्यकर्ताओ ने चंद्रशेखर आजाद अमर रहेंगे का जय घोष भी किया गया।
कौरई टोल प्लाजा के समीप काठियावाड़ी गंगा होटल राष्ट्रीय कार्यालय पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सियाराम पांडे ने महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के संदर्भ में बताया। भारत मां का राज दुलारा, एक के बदले 10 को मारा। बहरे हो-हो गए गोरे, जब वो हर हर महादेव हुंकारा।
भारतीय संगठन मंत्री पुरुषोत्तम वशिष्ट, संयोजक शिशुपाल कटारा, विपिन अग्रवाल, जिग्नेश कहरवार, भंडारी बाबा, वासुदेव वशिष्ठ, गौरव गर्ग, रुद्रदेव मौजूद रहे। ग्राम दूरा में संचालित एमबीडी कॉलेज में महान क्रांतिकारी वीर योद्धा चंद्रशेखर आजाद का गुणगान किया गया।
मां भारती मातृभूमि की आन बान और शान की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले चंद्रशेखर आजाद के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आवाहन संस्था प्रबंधक डॉक्टर भूरी सिंह द्वारा किया गया। विद्यालय परिवार एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
🔹दिलशाद समीर संवाददाता





