• रिपोर्ट – आकाश भारद्वाज
आगरा। जिला प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए सख्त कदम उठाया है। आगरा के जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने ‘मिशन मोड’ में कार्रवाई शुरू करते हुए सभी स्कूली वाहनों पर QR कोड अनिवार्य कर दिया है।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 अप्रैल 2026 तक सभी स्कूल बसों, वैन और अन्य वाहनों का पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसके बाद बिना QR कोड वाले किसी भी स्कूली वाहन को सड़क पर चलने की अनुमति नहीं होगी। QR कोड स्कैन करने पर वाहन की पूरी डिटेल, फिटनेस, ड्राइवर की जानकारी, इंश्योरेंस और स्कूल का नाम तुरंत सामने आ जाएगा।
यह योजना सिर्फ वाहन सुरक्षा तक सीमित नहीं है। प्रशासन फीस वृद्धि, किताबों के सिंडिकेट और अन्य अनियमितताओं पर भी नजर रख रहा है। डीएम बंगारी ने स्कूल संचालकों के साथ बैठक में साफ चेतावनी दी कि छात्रों की सुरक्षा और अभिभावकों के हितों से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आगरा प्रशासन की इस पहल को प्रदेश के अन्य जिलों में भी सराहा जा रहा है। अभिभावक इसे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने वाला कदम मान रहे हैं, जबकि स्कूल प्रबंधन इसे अतिरिक्त बोझ बता रहा है।
यह मास्टरप्लान आगरा में स्कूली परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।























