नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा (7-8 फरवरी 2026) ने दोनों देशों के बीच संबंधों को नई मजबूती दी। रविवार को कुआलालंपुर के सेरी पेर्दाना कॉम्प्लेक्स में मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में दोनों नेताओं ने गहरी दोस्ती और भरोसे की बात की। अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी को अपना “सच्चा मित्र” बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच का समझौता केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि भरोसे और समझ की मजबूत बुनियाद पर टिका है। उन्होंने कहा कि बातचीत “सच्चे दोस्तों” के बीच हुई, जिसमें ट्रस्ट और समझदारी भरी हुई थी।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई
1957 से चले आ रहे संबंधों को 2024 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) तक पहुंचाने के बाद अब इसे और मजबूत किया गया। दोनों नेताओं ने 11 महत्वपूर्ण MoUs और दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया, जिनमें शामिल हैं:
- सेमीकंडक्टर सहयोग
- स्वास्थ्य देखभाल
- सुरक्षा और डिफेंस
- डिजिटल अर्थव्यव्यस्था
- डिजास्टर मैनेजमेंट
- करप्शन रोकथाम
- पीसकीपिंग
- एग्रीकल्चर और फूड सिक्योरिटी
- एजुकेशन, TVET, टूरिज्म, कल्चर और पीपल-टू-पीपल टाईज
ये समझौते दोनों देशों के बीच भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे।
लोकल मुद्रा में ट्रेड: “अद्भुत उपलब्धि”
मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने भारतीय रुपया और मलेशियाई रिंगित में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के फैसले को “अद्भुत उपलब्धि” बताया। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और बैंक नेगारा मलेशिया के बीच जारी सहयोग से ट्रेड सेटलमेंट आसान और सस्ता होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्तमान 8.59 बिलियन डॉलर (या हाल के आंकड़ों में 18.6 बिलियन डॉलर तक) का द्विपक्षीय व्यापार जल्द ही और बढ़ेगा।
शिक्षा में भारत का बढ़ता प्रभाव
अनवर इब्राहिम ने पिछले दशक में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारतीय शिक्षा संस्थानों की वैश्विक पहचान की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्थान अब पश्चिमी देशों के संस्थानों से आगे निकल चुके हैं। मलेशिया भारत में पढ़ने वाले अपने छात्रों की संख्या बढ़ाने पर गंभीरता से विचार करेगा।
वैश्विक शांति प्रयासों की सराहना और नया कांसुलेट
मलेशियाई पीएम ने यूक्रेन-रूस युद्ध और गाजा संकट जैसे मुद्दों पर भारत के शांति प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का शांति के प्रति कमिटमेंट “अटल” है। दोनों देशों के प्रगाढ़ रिश्तों के प्रतीक के रूप में, मलेशिया ने भारत के नए वाणिज्य दूतावास (Consulate) खोलने को तत्काल मंजूरी दी, जिससे लोगों और व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे। (कुछ रिपोर्ट्स में साबाह राज्य में कांसुलेट का जिक्र है।)
पीएम मोदी ने भी मलेशिया को 2026 की पहली विदेश यात्रा बताते हुए कहा कि दोनों देशों की दोस्ती गहरी और स्थिर है। यह यात्रा भारत की “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” और ASEAN के साथ जुड़ाव को मजबूत करने वाली साबित हुई।























