मथुरा | राष्ट्रपति के आगमन से पहले शहर को सजाने-संवारने के लिए जिला प्रशासन ने मुख्य सड़कों और डिवाइडरों पर आनन-फानन में छोटे-छोटे पौधे लगवाए। लेकिन अब इन पौधों को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। कृष्णा नगर समेत कई इलाकों में लगाए गए पौधों की जड़ों से पॉलिथीन तक नहीं हटाई गई, जिससे उनके सूखने का खतरा बढ़ गया है।स्थानीय लोगों द्वारा ली गई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पौधों को सीधे पॉलिथीन सहित मिट्टी में लगा दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा करने से पौधों की जड़ें फैल नहीं पातीं और वे जल्द ही नष्ट हो सकते हैं। यह लापरवाही न सिर्फ पर्यावरण के लिहाज से गलत है, बल्कि सरकारी संसाधनों की बर्बादी भी मानी जा रही है।इस मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या ये पौधे केवल दिखावे के लिए लगाए गए हैं। चर्चा है कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम के बाद इन्हें हटाकर वापस नर्सरी भेजा जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने इस पूरे मामले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि शहर की सुंदरता के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है, जबकि स्थायी और सही तरीके से पौधारोपण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।यह घटना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। यदि पौधारोपण केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा, तो पर्यावरण संरक्षण के प्रयास भी खोखले साबित होंगे। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई करते हैं।
























