मथुरा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मथुरा–वृंदावन को कम उत्सर्जन क्षेत्र (एलईजेड) बनाने हेतु नीति विकास पर हितधारक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस विभाग तथा शहरी परिवहन विशेषज्ञों ने भाग लिया।जिलाधिकारी ने कहा कि हरित मोबिलिटी से ब्रज का स्वरूप बदलेगा, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी और वायु गुणवत्ता में सुधार आएगा। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए शहर में अधिक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर जोर दिया, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालु एवं पर्यटक सुविधा से ई-वाहनों का उपयोग कर सकें।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने कहा कि प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन और सख्त निगरानी से श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। नगर आयुक्त जग प्रवेश ने वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किए जाने की जानकारी दी।योजना के तहत शहर के बाहरी क्षेत्रों में पार्किंग विकसित कर मंदिरों व घाटों तक ई-रिक्शा और धार्मिक बस सेवा संचालित की जाएगी। ग्रीन मोबिलिटी ज़ोन के अंतर्गत फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कर सुरक्षित और छायादार बनाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम एवं स्वच्छ वातावरण मिल सके।

राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।

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