मैनपुरी: किशनी थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर निवासी 40 वर्षीय कमलेश यादव का शव बुधवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। कमलेश कासगंज में एक डेयरी पर काम करते थे और 20 फरवरी को काम से घर लौटते समय लापता हो गए थे। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने मिला शव
बुधवार सुबह करीब 9 बजे लोगों ने पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने एक शव पड़ा देखा। सूचना पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों ने शव की पहचान कमलेश यादव के रूप में की।
शव मिलने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया।
गुस्साए परिजनों ने लगाया जाम
घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने ग्वालियर-बरेली हाईवे पर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी राम कृष्ण द्विवेदी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब आधे घंटे बाद समझाइश के बाद जाम खुलवाया गया।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
मृतक के भाई अवधेश यादव ने आरोप लगाया है कि कमलेश की पत्नी और एक अन्य व्यक्ति की मिलीभगत से हत्या कर शव फेंका गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार में मचा कोहराम
कमलेश यादव अपने पीछे दो पुत्र—12 वर्षीय आयुष और 10 वर्षीय पीयूष—छोड़ गए हैं। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में शोक का माहौल है।





