वाराणसी/लखनऊ: वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सुंदरीकरण कार्य के दौरान कथित मूर्ति तोड़फोड़ के विवाद ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए इसे “काशी की विरासत पर बुलडोजर” करार दिया। अजय राय ने मांग की कि यदि वीडियो AI जनरेटेड है तो सरकार ठोस सबूत पेश करे और मूर्ति का वर्तमान स्थान बताए।
अजय राय के प्रमुख आरोप
- मणिकर्णिका घाट हजारों साल पुराना तीर्थ है, 1791 में माता अहिल्याबाई होल्कर ने जीर्णोद्धार किया।
- भाजपा एक तरफ अहिल्याबाई की जयंती मनाती और चांदी का सिक्का जारी करती है, दूसरी तरफ उनकी विरासत पर बुलडोजर चलाती है।
- माता अहिल्याबाई होल्कर ट्रस्ट के चेयरमैन यशवंत राव होल्कर ने पत्र लिखकर मूर्ति तोड़े जाने की पुष्टि की और तस्वीर जारी की।
- सरकार के अधिकारी और मंत्री स्वीकार कर रहे हैं कि मूर्ति तोड़ी गई, लेकिन अब AI वीडियो बताकर सच्चाई छिपाने की कोशिश।
- प्रधानमंत्री मोदी “गंगा जी के पुत्र” बनकर आए, लेकिन बनारस की विरासत को बर्बाद कर रहे हैं।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का घाट दौरा अचानक रद्द किया गया – सवाल: क्या इसलिए कि सच्चाई सामने न आए?
ट्रस्ट पत्र और विरोधाभास पर जोर
अजय राय ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर परिवार और ट्रस्ट की ओर से स्पष्ट आरोप हैं। उन्होंने सरकार पर विरोधाभासी बयानबाजी का आरोप लगाया कि एक तरफ तोड़फोड़ स्वीकार, दूसरी तरफ फेक वीडियो का दावा। उन्होंने पूछा, “मूर्ति कहां गई? वर्तमान में कहां रखी है? सबूत पेश कीजिए।”
लोकतंत्र पर हमला का आरोप
अजय राय ने कहा कि बिना स्थल पर जाकर स्थिति देखे सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस करना और सवाल उठाने वालों (संजय सिंह, पप्पू यादव आदि) पर FIR दर्ज कराना अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस काशी की आस्था, संस्कृति और विरासत के साथ किसी खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगी।





