लखनऊ: पॉश आशियाना इलाके (सेक्टर L) में एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। 21 वर्षीय (कुछ रिपोर्ट्स में 19 वर्षीय) अक्षत प्रताप सिंह ने अपने पिता, प्रतिष्ठित पैथोलॉजी लैब और शराब व्यवसायी मानवेंद्र सिंह (49-50 वर्ष) की लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव के टुकड़े किए और धड़ को नीले प्लास्टिक ड्रम में छिपा दिया। घटना 20 फरवरी 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे की है।

पुलिस जांच के अनुसार, मूल रूप से जालौन के रहने वाले मानवेंद्र सिंह लखनऊ में वर्धमान पैथोलॉजी और शराब के ठेके चलाते थे। उनका बेटा अक्षत लामार्ट स्कूल से 12वीं पास करने के बाद B.Com कर रहा था, लेकिन पिता उसे NEET पास कर MBBS करने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। अक्षत दो बार NEET दे चुका था लेकिन असफल रहा। इसी पढ़ाई के दबाव और डांट-फटकार से तंग आकर 20 फरवरी की सुबह दोनों में तीखी बहस हुई, जिसके बाद अक्षत ने गुस्से में पिता के सिर में गोली मार दी।

हत्या के बाद अक्षत ने क्रूरता की हदें पार कीं। उसने आरी (saw) से शव के हाथ, पैर और सिर अलग किए। धड़ को स्लीपिंग बैग में भरकर नीले ड्रम में घर के खाली कमरे में छिपा दिया। अन्य हिस्सों (हाथ-पैर) को सदरौना इलाके के पास फेंक दिया। सिर अभी तक नहीं मिला है। पूरी वारदात की गवाह बनी छोटी बहन कृति (नाबालिग) को जान से मारने की धमकी देकर 4 दिन तक कमरे में बंद रखा। बदबू छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर स्प्रे किया और पड़ोसियों से पिता के दिल्ली जाने की झूठी कहानी सुनाई।

चार महीने पहले घर में हुई चोरी में अक्षत का नाम आने से पिता उस पर कड़ी नजर रखने लगे थे, जिससे तनाव बढ़ा। 23 फरवरी को अक्षत ने खुद पिता की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस की पूछताछ में टूट गया और जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने नीले ड्रम से धड़ बरामद किया, हत्या में इस्तेमाल राइफल, आरी और अन्य साक्ष्य कब्जे में लिए। आरोपी अक्षत को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस रिमांड पर है। जांच में पता चला कि वह शव को जलाने के लिए 10 लीटर केरोसिन/तारपिन ऑयल और एसिड भी लाया था।

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