इगलास/अलीगढ़: जिले के इगलास ब्लॉक के बीआरसी परिसर में टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) के नेतृत्व में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के आदेश का विरोध था, जिसमें जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों पर भी 1 सितंबर 2025 से TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्य कर दिया गया है। कोर्ट ने शिक्षकों को 2 साल (सितंबर 2027 तक) TET पास करने की मोहलत दी है, अन्यथा नौकरी या प्रमोशन पर असर पड़ सकता है।

बैठक में जिला स्तरीय नेतृत्व से मुकेश कुमार सिंह (जिला अध्यक्ष), हरकेश कुमार शर्मा, उमेश चंद्र वर्मा और वीरेश सिंह सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने शिक्षकों को TFI के दिशा-निर्देशों से अवगत कराया और आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।

आंदोलन की रूपरेखा:

  • सभी शिक्षकों को ट्विटर (X) अकाउंट डाउनलोड कर TFI को फॉलो करने के निर्देश दिए गए।
  • 23 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक सभी शिक्षक काली पट्टी बांधकर लगातार तीन दिन शिक्षण कार्य करेंगे (प्रतीकात्मक विरोध)।
  • 26 फरवरी 2026 को दोपहर 1:00 बजे से बीएसए कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। धरने के बाद पैदल मार्च निकालकर जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
  • धरने में सभी शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य बताई गई।

बैठक में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए, जिनमें राजेश कुमार कटारा, नीरज सिंह, राजवीर सिंह, अशोक कुमार सिंह, दिगंबर सिंह, ज्वाला सिंह, प्रघुवीर सिंह, मधुबाला वर्मा, भूपेंद्र सिंह, भानु प्रताप सिंह, कीर्ति यादव, अंकित गुप्ता, शिल्पी, करण सिंह, राकेश कुमार शर्मा, अमित सिंह, सत्येंद्र पाल सिंह, हरीश कुमार, कृष्णवीर सिंह, आभा सिंह, हरिओम, भगवान सिंह, यशपाल, साहब सिंह, बृजेश कुमार, राजेश गौतम, अशोक चौधरी, राजीव गौतम, अमित कुमार, पुरानचंद शर्मा, ओम दत्त, रविंद्र कुमार गुप्ता, अशोक कुमार सारस्वत, रुचि गुप्ता, अनिल कौशिक, गजेंद्र सिंह, गिरीश कुमार, राजेश कुमार, विमल शर्मा, मनीष भटनागर, रज्जन लाल शर्मा, प्रदीप कुमार, विष्णु दत्त तिवारी, हरीश पाठक सहित अन्य शामिल रहे।

बैठक के अंत में सभी शिक्षकों ने कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया। शिक्षकों का तर्क है कि RTE 2009 के तहत TET की अनिवार्यता जुलाई 2011 से लागू हुई, इसलिए इससे पहले नियुक्त शिक्षकों पर इसे थोपना अन्यायपूर्ण है। प्रदेशभर में TFI के बैनर तले इसी तरह की बैठकें हो रही हैं, और सोशल मीडिया पर #JusticeForTeacher ट्रेंड कर रहा है।

  • रिपोर्ट – संजय भारद्वाज

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