आगरा। शिक्षा के नाम पर अभिभावकों से कथित वसूली का मामला अब खुलकर सामने आ गया है। संजय प्लेस स्थित माहेश्वरी बुक डिपो पर प्रशासनिक टीम ने शिकायत के आधार पर छापेमारी कर रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
प्रारंभिक जांच में आरोप है कि अभिभावकों को निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर किताबें बेची जा रही थीं और उन्हें पूरा सेट खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा था। खास बात यह रही कि कुछ चुनिंदा स्कूलों, विशेषकर सेंट जॉर्जेज से जुड़ी किताबें बड़ी मात्रा में डिपो पर उपलब्ध थीं और अभिभावकों को स्कूल स्लिप के आधार पर सीधे पूरा सेट थमाया जा रहा था।
जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने बताया कि एकल पुस्तक बिक्री के नियमों की अनदेखी की गई है और किताबों की कीमत तय करने के आधार की गहन जांच की जा रही है। पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी (DM) को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
इस मामले में अब तक 55 स्कूलों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं, हालांकि ठोस कार्रवाई अभी लंबित है। शुल्क नियामक समिति की आगामी बैठक में इस मुद्दे पर निर्णायक कदम उठाए जाने की संभावना है।
यदि जांच में अनियमितताएं साबित होती हैं, तो संबंधित स्कूलों और बुक डिपो संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभिभावकों के हितों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।























