तांतपुर/आगरा | जिला नजर | गोविन्द पाराशर– संवाददाता
तांतपुर कस्बे में आज UGC (यूनिवर्सिटी अनुदान आयोग) द्वारा हाल ही में जारी किए गए नए निर्देशों और नीतियों के खिलाफ क्षत्रिय समाज छात्र संघ ने खुलकर विरोध प्रदर्शन किया। शहर के बाजार चौक पर आयोजित इस विरोध रैली में बड़ी संख्या में स्थानीय छात्र, क्षत्रिय समाज के युवक-
युवतियाँ और ग्रामीण युवा शामिल रहे।

प्रदर्शन की शुरुआत सुबह शाम 4:बजे हुई, जहाँ उपस्थित लोगों ने “UGC सुधार नहीं अन्याय वापस लो ।ग्रामीणों का भविष्य सुरक्षित करो!” काला कानून वापस लो जैसे नारे लगाए। छात्र संघ के नेताओं ने कहा कि UGC की नई नीतियाँ ग्रामीण छात्रों और क्षत्रिय समाज के युवाओं के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार कर रही हैं और उच्च शिक्षा तक उनकी पहुँच को सीमित कर सकती हैं।
छात्र नेताओं की मुख्य मांगें

UGC के नए शैक्षणिक एवं प्रवेश नियमों को वापस लिया जाए। ग्रामीण व कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए शिक्षा में विशेष प्रावधान और न्यायसंगत अवसर सुनिश्चित किए जाएँ। छात्र संघ को अधिकारियों से सीधा संवाद करने का अवसर मिले।

छात्र संघ के अध्यक्ष राजू सिंह परमार क्षत्रिय ने कहा,
“हम शिक्षा के पक्षधर हैं, लेकिन जो नियम हमारी पहचान, हमारी आर्थिक स्थिति और हमारी शिक्षा के भविष्य को नुकसान पहुँचाते हैं, उनका खुलकर विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। हम सद्यः नियमों को वापस लेने की मांग करते हैं।”

स्थानीय प्रतिक्रिया प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने कई ज्ञापन भी बांटे, जिनमें उन्होंने कहा कि तांतपुर जैसे कस्बों में शिक्षा और रोजगार की चुनौतियाँ पहले से ही हैं, और नई नीतियाँ इन्हें और बढ़ा देंगी।

स्थानीय करणी सेना कोषाध्यक्ष मनीष परमार ने कहा,
“छात्रों का संघर्ष सही दिशा में है। हम सभी चाहते हैं कि शिक्षा सबके लिए सुलभ रहे।”

अधिकारियों से आशा छात्र संघ ने प्रशासन को रविवार तक समय दिया है कि वे उनके प्रतिनिधिमंडल से मिलें और UGC के नियमों पर पुनर्विचार की प्रक्रिया आरंभ करें। यदि उनकी बात नहीं सुनी जाती है, तो छात्र संघ ने भविष्य में बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

विरोध मे मुकेश शस्त्री,राज बहादुर परमार समाज सेवी, बंटी शर्मा, संजू, धर्मेन्द्र, वीरेंद्र जादौन, संदीप सिक़रवार,ऋषभ परमार, रिंकू जादौन, आदि मौजूद रहे

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