मथुरा।केंद्र सरकार के यूजीसी कानून के खिलाफ मथुरा में क्षत्रिय राजपूत सभा उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सवर्ण समाज के लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।यह प्रदर्शन महाराणा प्रताप भवन, देवीपुरा बाजना बाटी रोड पर आयोजित किया गया,जिसकी अगुवाई ब्रज मंडल क्षत्रिय राजपूत सभा के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर मुकेश सिंह सिकरवार ने की।प्रदर्शन के दौरान यूजीसी कानून को “काला कानून” बताते हुए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के विरोध में भी नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि यूजीसी कानून को तत्काल वापस लिया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कानून जनरल वर्ग के बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार ने यह कानून सामान्य वर्ग के युवाओं पर थोप दिया है, जिससे उनकी पढ़ाई और भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए सीओ रिफाइनरी, थाना हाईवे के एसओ, चौकी इंचार्ज सतोहा, चौकी इंचार्ज आजमपुर सहित पुलिस टीम मौजूद रही।मीडिया से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर मुकेश सिंह सिकरवार ने कहा कि जनरल वर्ग पर पहले से ही एससी-एसटी एक्ट जैसा काला कानून थोपा हुआ है, जिसके तहत कई निर्दोष लोगों को जेल जाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि एससी-एसटी एक्ट के अधिकांश मामले फर्जी पाए गए हैं, जिनके आंकड़े हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में मौजूद हैं।उन्होंने कहा कि अब यूजीसी कानून के रूप में एक और कानून लाकर जनरल वर्ग के युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे युवा वर्ग डर के माहौल में जीने को मजबूर होगा और कॉलेज व स्कूल जाने से भी कतराएगा।प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यूजीसी कानून को वापस नहीं लिया, तो क्षत्रिय राजपूत सभा सहित सभी सवर्ण समाज के संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएंगे।फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और पुलिस की मौजूदगी में कार्यक्रम संपन्न हुआ, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में यह विरोध और तेज हो सकता है।

राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।

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